*भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित प्रदर्शनी का शिक्षकों, विद्यार्थियों ने किया अवलोकन*
वर्धा, 05 अगस्त, 2026; महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के सहजानंद सरस्वती संग्रहालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026’ के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा पर आयोजित त्रिदिवसीय (04-06 अगस्त, 2026) प्रदर्शनी के दूसरे दिन बुधवार को वर्धा के रमाबाई देशमुख पब्लिक स्कूल के अध्यापक आरती महाजन, रीना अम्बुलकर, संदीप दरने सहित 47 छात्रा एवं 68 छात्रों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा से पूजा लोहिया, नाहिद शेख, निरूता कोसम, रेमी, पेले, एसे और विश्वविद्यालय के डॉ. अंजनी राय, डॉ. सीमा बर्गट, पूनम कुमारी, शिक्षा यादव, विद्यानंद कुमार, बलवंत कुमार, राहुल, अतुल अवथरे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
स्वामी सहजानंद सरस्वती संग्रहालय के प्रभारी डॉ. अमित विश्वास ने संग्रहालय में संरक्षित हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों, ग्रंथों आदि के बारे में अवगत कराया। संग्रहालय में 19वीं सदी से अब तक की ऐतिहासिक महत्त्व की पत्रिकाएँ और पांडुलिपियाँ सुरक्षित हैं। इन कृतियों को देखने और पढ़ने का अनुभव साहित्य इतिहास के जीवंत स्पर्श का एहसास कराता है। संग्रहालय में तुलसीदास रचित हनुमान बाहुक, विजय दोहावली, विनयपत्रिका सटीक, षोड्श रामायण, कुंडलिया रामायण आदि की पांडुलिपियों को संरक्षित की गई हैं। हिंदी की साहित्यिक धरोहर के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा का विकास करने के उद्देश्य से संग्रहालय में उपलब्ध सामग्री की प्रदर्शनी लगायी गई है।
प्रदर्शनी के दौरान सहायक प्रोफेसर डॉ. अनिर्बाण घोष, जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, हर्ष आनंद, शिया, प्रियांशु, नयन आड़े ने सहयोग किया।
श्री अमित विश्वास जी के फेसबुक वॉल से साभार।














