आर एम कॉलेज में संघर्ष मोर्चा ने काला बिल्ला लगाकर किया प्रदर्शन
प्रस्तावित अधिनियम वापस होने तक जारी रहेगा चरणबद्ध आंदोलन
विधेयक वापस नहीं होने पर आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा
सहरसा।
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा की अंगीभूत इकाई राजेंद्र मिश्र कॉलेज में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सरकार के प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 के खिलाफ आक्रोश जताते हुए जमकर नारेबाजी की गई। प्रस्ताव के खिलाफ शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर आयोजित इस चरणबद्ध आंदोलन के पहले दिन परिसर में सरकार विरोधी नारेबाजी की गई और शिक्षकों व कर्मचारियों ने बांहों पर काला बिल्ला बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। संघ के विश्वविद्यालय अध्यक्ष डॉ. सुभाष प्रसाद सिंह, शिक्षक नेता डॉ. कमलेश कुमार सिंह, डॉ. आनंद कुमार झा, डॉ. संजीव कुमार झा राजेंद्र मिश्र कॉलेज पहुंचे। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थाना की स्वायत्तता पर सीधा प्रहार कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव से निर्णय लेने का अधिकार सीधे सरकार के हाथों में चला जाएगा, जो शिक्षा प्रणाली और स्वायत्तता के लिए एक बड़ा खतरा है।

उन्होंने बताया कि यह आंदोलन लंबी और योजनाबद्ध लड़ाई की शुरुआत है। इसके तहत पांच अगस्त से आठ अगस्त तक सभी शिक्षक और कर्मचारी बांह पर काला बिल्ला लगाकर शांतिपूर्ण ढंग से अपने शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन करेंगे। 10 अगस्त को सभी कर्मी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे और विश्वविद्यालय मुख्यालय में पहुंचकर कुलपति को विरोध ज्ञापन सौंपेंगे। 11 अगस्त से 25 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 1.30 बजे से 2.00 बजे तक कार्यस्थल पर विरोध प्रदर्शन व नारेबाजी की जाएगी।
5 सितंबर (शिक्षक दिवस) के दिन छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित कर कानून की कमियों से अवगत कराया जाएगा। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने स्वायत्तता में दखल देने वाला विधेयक वापस नहीं लिया, तो चरणबद्ध आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है। 
मौके पर डॉ. इंद्रकांत झा, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. शुभ्रा पांडे, डॉ. कुमारी अपर्णा, डॉ. निर्मल कुमार, डॉ. प्रबीर घोष, डॉ. रामानंद रमन, डॉ. आरती रानी, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. मंसूर आलम, डॉ. डेजी कुमारी, डॉ. अक्षय कुमार चौधरी, डॉ. पंकज कुमार यादव, डॉ. सौरभ पांडे, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. असरारुल हक, डॉ. संजय कुमार, सुशील कुमार झा, आलोक कुमार मिश्रा, आशुतोष कुमार झा, नंदकिशोर, डॉ सुदीप कुमार झा सहित अन्य मौजूद रहे।














