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टीबी उन्मूलन हेतु चलेगा जागरूकता कार्यक्रम

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*टीबी उन्मूलन हेतु चलेगा जागरूकता कार्यक्रम*

बीएनएमयू, मधेपुरा के विभिन्न महाविद्यालयों में टीबी उन्मूलन हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कुलपति प्रो. बी. एस. झा के निदेशानुसार राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) डॉ. सुधांशु शेखर ने सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र प्रेषित किया है। डॉ. शेखर ने बताया कि देश में प्रतिवर्ष लगभग 26 लाख व्यक्ति टीबी से संबंधित होते हैं और उसमे से प्रतिवर्ष लगभग 04 लाख लोग काल के गाल में समा जाते हैं। उक्त स्थिति विकास में बाधा उत्पन्न करती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा 2025 के अंत तक देश को टीबी मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। टीबी रोगियों को सरकार द्वारा दी जा रही मुफ्त दवा के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेना भी अतिआवश्यक है।

उन्होंने अनुरोध किया है कि कम-से-कम 50-50 टीबी मरीजों को स्वेच्छा से गोद लेते हुए चिह्नित टीबी रोगियों को 500/- से 1000/- रुपये तक का पोषण कीट प्रतिमाह दवा समाप्ति (छः माह) तक प्रदान कर पुण्य कमा सकते हैं।‌ साथ ही अन्य को भी इससे जुड़ने हेतु प्रोत्साहित करने का कष्ट किया जाए।

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विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

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विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।