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गजल हमसे है उम्मीद हमीं से आखिर क्यों ?

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गजल

हमसे है उम्मीद हमीं से आखिर क्यों ?
सब कर लें मंजूर खुशी से आखिर क्यों?

तुम भी हो इंसान गलत हो सकते हो
शक के सारे प्रश्न हमीं से आखिर क्यों ?

राह गलत है लोग जानकर भी चलते
अपना है यह प्रश्न सभी से आखिर क्यों ?

पंछी नभ से लौट जमीं पर आता है
सोचो इतना प्यार जमी से आखिर क्यों?

लोग हमें समझाने बस ये आते हैं
मत पूछो ‘मनजीत’ किसी से आखिर क्यों?

# डॉ. मनजीत


परिचय
कवि नाम : डाॅ. मनजीत सिंह ‘किनवार’
वास्तविक नाम : डाॅ. मनजीत कुमार सिंह
जन्मर : 21 नवम्बर 1988
पिता : श्री शंभू भूषण सिंह
माता : श्रीमती माला सिंह
शिक्षा : एम.ए. (हिन्दी), पी-एच.डी.। स्नातक (संगीत)।
सम्प्रति : अतिथि व्याख्याता, हिन्दी विभाग, मारवाड़ी महाविद्यालय, भागलपुर।
साहित्य विधा : गद्य एवं पद्य दोनों में
पुस्तक : ‘शब्दों के साये में’ (काव्य-संग्रह)
छुटकारा (नाटिका, इसपर अंगिका लघुफिल्म बनी है)
‘अर्थ विज्ञान की दृष्टि से हिन्दी और अंगिका शब्दों का तुलनात्मक अध्ययन’ (शोधग्रंथ)
संस्थागत दायित्व : अंगिका फिल्म्स के बैनर तले निर्देशक, ‘बालमन’ पत्रिका का संपादन, रंगग्राम जनसांस्कृतिक मंच,भागलपुर में सदस्य, राष्ट्रीय कवि संगम, भागलपुर के सचिव,तुलसी साहित्य अकादमी, भोपाल मध्यप्रदेश, भागलपुर शाखा के सदस्य
सम्मान- ‘दोहाश्री’ (साहित्य साधना मंच, खटीमा, उत्तराखंड)
पता-
स्थायी : ग्राम – महिमाचक
पोस्ट – गंगटामोड़
थाना – हवेली खड़गपुर
जिला – मुंगेर
राज्य – बिहार
पिन – 811213
वर्तमान पता – मैथ्समेनिया क्लासेस, काशी मिस्त्री लेन, छोटी खंजरपुर, भागलपुर – 812001
दूरभाष – 8210784563

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