Search
Close this search box.

कारगिल विजय दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

कारगिल विजय दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय मधेपुरा में राष्ट्रीय कैडेट कोर, 3/17 बिहार बटालियन, सहरसा, राष्ट्रीय सेवा योजना एवं सेहत केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका विषय कारगिल विजय दिवस के 25 वर्ष था। इसमें अंकित कुमार ने प्रथम, वाणी कुमारी ने द्वितीय एवं अंटूनी राय ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन सबों को 15 अगस्त, 2024 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा।


इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने कहा कि भारत एवं पाकिस्तान की सेनाओं के बीच वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था। यह युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला। इसमें 26 जुलाई, 1999 को भारत विजय हुआ था।

विशिष्ट अतिथि दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि कारगिल युद्ध के दौरान 527 सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया और 1400 के करीब घायल हुए थे। इस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान हेतु कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गणित विभागाध्यक्ष लेफ्टिनेंट गुड्डु कुमार ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रचार-प्रसार करना था। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस अवसर पर सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज, सहरसा के प्रवीण कुमार, अतिथि व्याख्याता डॉ. मनोज ठाकुर, गणित विभाग के शोधार्थी रवि शंकर कुमार, एसयूओ आदित्य रहमान, यूओ अंकित कुमार, कैडेट निक्की भारती, अंटूनी राय, सिम्पल कुमार, राजनंद कुमार, अमर कुमार, गोविन्द कुमार, मुन्ना कुमार, अमृत राज अंशु, अनंत कुमार, खुशी कुमारी, वाणी कुमारी, बंटी कुमारी, मणिषा कुमारी आदि उपस्थित थे।

READ MORE

डॉ. संजीव कुमार सिंह, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने अप्रैल 2020 में ही “शिक्षा विभाग के अधीन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत वेतनानुदानित एवं नियमित वेतनभोगी सभी कोटि के शिक्षकों के ससमय वेतन भुगतान के संबंध में” तत्कालीन वित्त मंत्री श्री सुशील मोदी जी को पत्र लिखा था

University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं के संदर्भ में चल रहे विरोध प्रदर्शनों एवं उससे उद्भूत परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की माँगों के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

डॉ. संजीव कुमार सिंह, माननीय सदस्य, बिहार विधान परिषद् ने अप्रैल 2020 में ही “शिक्षा विभाग के अधीन स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय अंतर्गत वेतनानुदानित एवं नियमित वेतनभोगी सभी कोटि के शिक्षकों के ससमय वेतन भुगतान के संबंध में” तत्कालीन वित्त मंत्री श्री सुशील मोदी जी को पत्र लिखा था

University Grants Commission रेगुलेशन, 2018 को दरकिनार कर बनाई गई सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली, 2026 तथा विश्वविद्यालय की स्वायत्तता को समाप्त करने की मंशा से बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को खत्म कर प्रस्तावित बिहार राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026 लाने की बिहार सरकार की योजना के खिलाफ टीएमबीयू अतिथि शिक्षक संघ द्वारा टीएमबीयू प्रशासनिक भवन में आयोजित महाधरना

NEET/UG परीक्षाओं में कथित अनियमतताओं के संदर्भ में चल रहे विरोध प्रदर्शनों एवं उससे उद्भूत परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की माँगों के मद्देनजर बिहार सरकार द्वारा दिया गया आश्वासन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत राज्य के सभी परम्परागत विश्वविद्यालयों, अधीनस्थ अंगीभूत महाविद्यालयों में कार्यरत / सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया महंगाई भत्ता / बकाया महंगाई राहत की राशि के भुगतान हेतु वेतनादि / गैर-वेतनादि मद में कुल रूपये 201,62,30,312/- (दो सौ एक करोड़ बासठ लाख तीस हजार तीन सौ बारह) मात्र स्वीकृत एवं विमुक्त।