
BNMU। व्याख्यान/ भारत में बाल-साहित्य की परंपरा विश्व में सबसे प्राचीन है : डॉ. विकास दवे
भारत में बाल-साहित्य की परंपरा या प्रकारान्तर से कहें, तो संस्कार परंपरा संभवतः विश्व की सबसे प्राचीन परंपरा है। वैसे भारतीय साहित्य में बाल-विमर्श 1885

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*कोरोना का शिक्षा एवं समाज पर प्रभाव विषयक व्याख्यान* कोरोना एक वैश्विक महामारी है। इसका भारत सहित पूरी दुनिया पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अभी

सादर आमंत्रण राष्ट्रकवि गोपाल सिंह नेपाली की ‘१०९ वीं जयंती पखवाड़ा’ पर ‘शब्दयात्रा ऑनलाइन शब्दांजलि’ में ! ————————————————————– बंधुवर ! हिन्दी की महान् विभूति राष्ट्रकवि

जून माह के वेतन भुगतान हेतु राशि स्वीकृत एवं विमुक्त बिहार सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अंतर्गत राज्य के

युवा प्राध्यापक एवं कवि डॉ. अरुणाभ सौरभ ने 27 जुलाई, 2020, सोमवार को अपराह्न 4:00 से 5:00 बजे तक बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के

शिक्षा जीवनपर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है : प्रोफेसर राकेश कुमार शिक्षा सुखद एवं सफल जीवन जीने की कला है। यह एक सतत प्रक्रिया है। यह

बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad पर 28 जुलाई 2020 मंगलवार को अपराहन 1:00 बजे से भारत में बाल साहित्य : परंपरा और

सूचना का अधिकार और हमारा कर्तव्य — भारत में सूचना का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। सूचना का अधिकार अधिनियम 15 जून, 2005 में अस्तित्व

उत्पीड़ित वह है, जो अपने वजूद के लिए संघर्ष कर रहा है। वह ना हारा है, ना जीता है। वह ना सफल है और न

बीएन मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के फेसबुक पेज बीएनएमयू संवाद व्याख्यानमाला के तहत 26 जुलाई, 2020 रविवार को अपराहन 2:30 बजे से सूचना का अधिकार और
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