
कविता/आखिर कहाँ हो तुम?/डॉ. दीपा
मेरे अंतर्मन में दबे, मेरी यादों में बसे, आखिर कहाँ हो तुम? सुनो ना! जरा बतलाओ मुझको, कुछ तो समझाओ मुझको, आखिर कहाँ हो तुम?

मेरे अंतर्मन में दबे, मेरी यादों में बसे, आखिर कहाँ हो तुम? सुनो ना! जरा बतलाओ मुझको, कुछ तो समझाओ मुझको, आखिर कहाँ हो तुम?

भारतीय दर्शन में दो प्रकार के अशुभ माने गए हैं-प्राकृतिक अशुभ और नैतिक अशुभ। प्राकृतिक अशुभ के कारण नैतिक अशुभ भी आता है। कोरोना संक्रमण
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