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Sansmaran बारह मालिक पूंजी नाश!

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बारह मालिक पूंजी नाश!

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मेरा बचपन मेरे नानी घर माधवपुर, खगड़िया (बिहार) में बीता है और स्वाभाविक रूप से ननिहाल परिवार का मेरे जीवन-दर्शन पर अमिट छाप है।

विशेष रूप से स्वतंत्रता सेनानी नाना जी (राम नारायण सिंह) द्वारा सुनाई गई धर्मग्रंथों के किस्से एवं स्वतंत्रता आंदोलन की कहानियाँ और नानी माय (सिया देवी) की कहावतों का मेरे ऊपर गहरा प्रभाव पड़ा है। इन किस्से- कहानियों एवं कहावतों में मुझे जीवन एवं जगत को समझने का सूत्र मिलता है।

 

मैंने लाॅकडाउन के दौरान नानी की दर्जनों कहावतों को वर्णानुक्रम से लिखा था, लेकिन मोबाइल की तकनीकी खराबी के कारण वह मिट गया। फिर से लिखने का प्रयास कर रहा हूँ। तैयार होने पर, आप सबों की सेवा में प्रस्तुत करूँगा।

अभी आज मुझे नानी जी की एक कहावत याद आ रही है, “बारह मालिक पूंजी नाश।” आशय स्पष्ट है! शेष आप सभी समझदार हैं, विस्तार अनपेक्षित है!!

संदर्भ : परिवार-समाज, संस्था-संस्थान, राज्य-राष्ट्र।

चित्र : मैं नानी माय के साथ भागलपुर में। तब इनकी तबियत ठीक नहीं थी। कुछ ही दिनों बात उनका महापरिनिर्वाण हो गया।

-सुधांशु शेखर, मधेपुरा

13 जनवरी, 2021 का फेसबुक पोस्ट।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।