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BNMU स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवा वर्ग को लेनी चाहिए सीख।

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स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवा वर्ग को लेनी चाहिए सीख 

एमजेके कॉलेज में युवा दिवस के रूप में मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

एमजेके कॉलेज, बेतिया में स्वामी विवेकानंद की जयंती शुक्रवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाई गई। स्वामी विवेकानंद के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया।इस दौरान विवेकानंद के व्यक्तित्व व कृतित्व पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। प्राचार्य डॉ सुरेंद्र प्रसाद केसरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से युवा वर्ग को सीख लेना चाहिए। कहा की 12 जनवरी को हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन युवाओं व नौजवानों के लिए समर्पित है जो देश के भविष्य को बेहतर और स्वस्थ बनाने का क्षमता रखते हैं। विवेकानंद धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य के ज्ञाता थे। वह युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। एनएसएस प्रभारी डॉ राजेश कुमार चंदेल ने कहा कि उस समय युवा सन्यासी ने देश को ऊर्जा देने के साथ ही शिकागो के भाषण से विश्व में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई। महाविद्यालय के युवाओं से उन्होंने उनके विचारों और आर्दशों को आत्मसात करने का आह्वान किया। डॉ विपिन दुबे ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत थे। वह दुनिया में महान विभूति थे। जिन्होंने छोटी सी उम्र में ही देश और विदेशों में नाम कमाया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज के आधुनिक युग में भी युवाओं के आदर्श हैं। मौके पर प्रधान सहायक रजनीश कुमार, प्रशांत कुमार, अतुल कुमार, प्रवेश यादव आदि मौजूद रहें।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।