
स्वराज अभी बाकि है : डाॅ. विजय कुमार
आजादी को हमारे पुरखों ने स्वराज कहा है। स्वराज अपने मन का राज है। यह राज सब के द्वारा बनेगा सबके लिए बनेगा और सब

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भारतीय सभ्यता-संस्कृति एवं दर्शन में समग्र जीवन एवं संपूर्ण विश्व की चिंता है। हमारे ॠषि-मुनियों ने न केवल मनुष्य, बल्कि समस्त जीव-जंतु, पशु-पक्षी, प्रकृति-पर्यावरण आदि

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में परबत्ता (खगड़िया) के क्रांतिकारियों की अहम भूमिका बिहार राज्यान्तर्गत खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड के दर्जनों क्रांतिकारियों ने देश की आजादी
राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 काफी सराहनीय है। यह नीति भारतीय परंपरा की महान विरासत से युक्त है। यह एक लंबे अंतराल के बाद देश की

भारतीय कला और संस्कृति के क्षेत्र में अंग प्रदेश की मंजूषा कला प्रसिद्ध है। यह अपने विभिन्न स्वरूपों में सदा जगमगाती रही है। इस जगमगाहट

विवेकानंद : नव वेदांत स्वामी विवेकानंद ने ‘वेदांत’ को काफी व्यापक संदर्भों में स्वीकार किया है और इसके अंतर्गत प्रायः समस्त भारतीय दार्शनिक संप्रदायों का

विवेकानंद : सार्वभौम धर्म साधारणतः ‘धर्म’ शब्द से हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, इस्लाम धर्म, ईसाई धर्म, यहूदी धर्म आदि का बोध होता है अथवा इन

बी एन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad पर 14 अगस्त, 2020 को नई शिक्षा नीति : भारत के विकास की अपार संभावनाएं विषयक
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