*दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहे आंदोलन में भाग लेने के शक पर डिटेन करने पर राठौर ने खड़े किए सवाल*
*आईबी के कार्यशैली पर उठाए सवाल ,डाटा और डिटेल अपडेट की दी नसीहत*
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच पार्टी द्वारा शनिवार को प्रस्तावित आंदोलन में आईबी के रिपोर्ट अनुसार भाग लेने की आशंका पर सिंहेश्वर थाना द्वारा डिटेन किए किए जाने और शुक्रवार की रात और शनिवार दो बजे तक पुलिस की निगरानी में रहने के उपरांत पूर्व छात्र नेता डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने इस पूरे प्रकरण पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी बात रखी है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में युवा साहित्यकार डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने इस पूरे प्रकरण के माध्यम से आईबी के कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
*आईबी के डाटा और डिटेल को अपडेट करने की अपील*
इस संबंध में सूबे के मुख्यमंत्री को पत्र लिख इसकी शिकायत करते हुए डॉक्टर राठौर ने कहा कि आईबी जैसी गंभीर संस्था द्वारा गृह मंत्रालय को भेजे रिपोर्ट में दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले आंदोलन में भाग लेने वाले अहम चेहरा के रूप में अंकित करना हास्यास्पद आश्चर्यजनक बात है क्योंकि वो चार साल पहले छात्र राजनीति और तीन साल साल पहले सार्वजनिक रूप से इस्तीफा देते हुए सक्रिय राजनीति को अलविदा ही नहीं कह चुके बल्कि विगत कई वर्षों से प्राइवेट जॉब में है।आईबी की रिपोर्ट में उन्हें काकरोच पार्टी का हिस्सा बताने पर भी राठौर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अपने राजनीतिक दिनों से वो वाम विचारधारा के अंग रहे इस पार्टी के नाम,गतिविधियों में उनकी कभी दिलचस्पी तक नहीं रही।लिखे पत्र में डॉक्टर राठौर ने कहा कि आईबी जैसी गंभीर संस्था की ऐसी कार्यशैली उसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़ी करती है उसे अपने डेटा और डिटेल को अपडेट करने की जरूरत है।
*पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन का दिखा सराहनीय मानवीय चेहरा*
इस प्रकरण में जानकारी देते हुए हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने बताया कि शुक्रवार की नौ बजे थाना प्रभारी बिनोद सिंह दल बल के साथ सिंहेश्वर थाना अंतर्गत कतराहा स्थित उनके आवास पहुंचे और विभागीय फरमान से अवगत कराते हुए कहा कि आईबी की रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय द्वारा भेजे पत्र के आलोक में आलाधिकारी का आदेश है कि आप कल तक पुलिस निगरानी में रहेंगे जिससे आप दिल्ली के आंदोलन में भाग नहीं ले सकें।जिसपर राठौर ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि वो कई साल पहले सक्रिय राजनीति को छोड़ चुके हैं फिर भी विभाग की आशंका आश्चर्यजनक है।इस पूरे प्रकरण में डीएसपी और अन्य वरीय पदाधिकारी लगातार संपर्क में रह हर प्रकार से सकारात्मक पहल की।डॉक्टर राठौर के आग्रह और थाना प्रभारी के त्वरित पहल पर वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने पिताजी की खराब तबियत, बेटी के गहरे लगाव और ऑफिस ड्यूटी का का ध्यान रखते हुए पुलिस सुरक्षा में घर पर रात में रहने और अगले दिन ऑफिस ड्यूटी का निर्देश दिया जिससे इस पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार की असहजता उत्पन नहीं हुई।शनिवार को दो बजे पुलिस निगरानी हटा ली गई।
*ऐसे हालात दिखा रहे कि सिस्टम दहशत है*
डॉक्टर राठौर ने कहा कि देश में बढ़ रहे आक्रोश ,प्रशासन के दुरुपयोग ,दिल्ली से लेकर स्थानीय स्तर पर लोगों की गिरफ्तारी,डिटेन,नजरबंदी बता रही कि सरकार बहुत डरी और भयभीत है जो भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश के लिए चिंता का विषय है।सरकार को इस पूरे प्रकरण में बैठकर बात करनी चाहिए साथ ही जमीनी मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए अन्यथा अगर हालात यही रहे तो स्थिति और बेकाबू ही नहीं होगी बल्कि तब इसे सम्हालना मुश्किल ही नहीं होगा बल्कि देश गृह युद्ध का शिकार हो जाएगा।












