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BNMU : नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 155 सहायक प्राध्यापकों ने किया योगदान

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BNMU : नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 155 सहायक प्राध्यापकों ने किया योगदान

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भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग पटना द्वारा संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक के रूप में चयनित अभ्यर्थियों के लिए मंगलवार को ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्रशासनिक परिसर स्थित प्रेक्षागृह में कुलपति प्रो. डा. विमलेंदु शेखर झा की अध्यक्षता में आयोजित हुआ। इसमें कुलसचिव प्रो. डा. अशोक कुमार सिंह, हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, राजनीतिशास्त्र, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषयों में चयनित अभ्यर्थियों के साथ सभी नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रभारी प्रधानाचार्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डा. जैनेंद्र कुमार ने किया।

आवश्यकता होने पर विश्वविद्यालय स्तर से यथासंभव किया जाएगा सहयोग : कुलपति प्रो. डा. विमलेंदु शेखर झा ने सभी चयनित संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक को बधाई देते हुए कहा कि वह कक्षा संचालन के साथ-साथ महाविद्यालय के अन्य अकादमिक कार्यों में भी पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ सहयोग करें। विश्वविद्यालय प्रशासन चयनित शिक्षकों से अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रहने तथा महाविद्यालयों के शैक्षणिक विकास में अपेक्षित सहयोग की उम्मीद करता है। कुलपति ने विशेष रूप से चयनित महिला अभ्यर्थियों को आश्वस्त किया कि दूर-दराज के महाविद्यालयों में कार्य करने के दौरान आवास या अन्य किसी प्रकार की आवश्यकता होने पर विश्वविद्यालय स्तर से यथासंभव सहयोग एवं सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा : अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. उमाशंकर चौधरी ने कहा कि कोई भी महाविद्यालय शहर से बहुत दूर नहीं है। सरकार ने इन महाविद्यालयों की स्थापना प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में वहां की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से की है। डीएसडब्ल्यू ने कहा कि जब चयनित अभ्यर्थी वहां असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में योगदान देंगे तो स्थानीय स्तर पर उनका स्वागत होगा व खासकर छात्राओं में उच्च शिक्षा को लेकर एक नया उत्साह पैदा होगा।

 

अपने आसपास उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मिलेगा अवसर : कुलसचिव प्रो. डा. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से जिला मुख्यालय तक आने में छात्राओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब ग्रामीण क्षेत्रों में ही महाविद्यालय खुलने से उन्हें अपने आसपास उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कुलसचिव ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों से अपने-अपने कॉलेज में जाकर शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील की।

 

शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में सहयोग की अपेक्षा : कुलपति के संबोधन के बाद सभी नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अपने-अपने वक्तव्य दिए। प्रधानाचार्यों ने नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में उनके सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। कार्यक्रम में चयनित सहायक प्राध्यापकों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था एवं महाविद्यालयों में उनके दायित्वों से अवगत कराया गया। विशेष रूप से सीबीसीएस सिस्टम, सीआईए, क्रेडिट एवं अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं को समझने तथा उन्हें महाविद्यालयों में व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संचालित कराने पर जोर दिया गया।

 

दस्तावेजों की जांच के बाद प्रधानाचार्यों के समक्ष दिया योगदान : ओरिएंटेशन कार्यक्रम के बाद चयनित संविदा आधारित सहायक प्राध्यापक ने अपने-अपने आवंटित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के समक्ष योगदान दिया। स्थापना शाखा के उपकुलसचिव के निर्देशानुसार निर्धारित दस्तावेजों एवं शपथ-पत्रों की जांच के बाद योगदान की प्रक्रिया पूरी की गई। विशेष रूप से अभ्यर्थी किसी अन्य पीएचडी अथवा अन्य पाठ्यक्रम में नामांकित नहीं हैं, इससे संबंधित शपथ-पत्र आदि दस्तावेजों की जांच की गई।

 

आज से महाविद्यालय में शुरू करेंगे शैक्षणिक कार्य : योगदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी नवनियुक्त सहायक प्राध्यापक अपने-अपने महाविद्यालय में बुधवार से पठन-पाठन एवं अन्य अकादमिक कार्यों में जुट जाएंगे। इससे नवसृजित राजकीय डिग्री महाविद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन ने नए राजकीय डिग्री महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं नवनियुक्त संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

 

16 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय के लिए 155 प्राध्यापक : बीएनएमयू अंतर्गत 16 नए राजकीय डिग्री महाविद्यालय में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग पटना द्वारा 155 संविदा आधारित सहायक प्राध्यापकों का चयन हुआ है। इनमें से अधिकांश प्राध्यापकों ने अपने संबंधित महाविद्यालय के प्रधानाचार्य के समक्ष योगदान ले लिया है, बाकी बचे प्राध्यापकों को योगदान लेने के लिए 17 अगस्त तक का समय दिया गया है। इन चयनित प्राध्यापकों में हिंदी विषय में 30, अंग्रेजी विषय में 20, इतिहास विषय में 24, राजनीतिशास्त्र विषय 27, अर्थशास्त्र विषय में 26 एवं समाजशास्त्र विषय में 28 प्राध्यापक शामिल है।

नवनियुक्त संविदा आधारित असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन सराहनीय। माननीय कुलपति प्रो. बी. एस. झा साहेब सहित पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन को बहुत-बहुत साधुवाद।

विनम्र अनुरोध है कि स्थायी असिस्टेंट प्रोफेसरों के लिए भी विश्वविद्यालय स्तर पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करने का कष्ट किया जाए।

-सुधांशु शेखर, सीनेट सदस्य, बीएनएमयू, मधेपुरा।

*BNMU : नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 155 सहायक प्राध्यापकों ने किया योगदान – BNMU SAMVAD*

BNMU : नए राजकीय डिग्री कॉलेजों में 155 सहायक प्राध्यापकों ने किया योगदान

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बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के माध्यम से विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की पात्रता एवं प्रक्रिया हेतु गठित परिनियमानुसार राज्य के योग्य अभ्यर्थियों के हित में कतिपय महत्वपूर्ण संशोधन के संबंध में अनुरोध।