Search
Close this search box.

महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

कल महात्मा गांधी आगमन शताब्दी समारोह का अंतिम दिन था। तीन दिवसीय इस समारोह का शुभारंभ 7 अगस्त को हुआ था। पिछले तीन दिनों तक पूरा शहर गांधीमय रहा। समारोह के दौरान युवाओं और महिलाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली, जो आमतौर पर ऐसे आयोजनों में कम दिखाई देती है। समारोह के मुख्य वक्ता पुरुषोत्तम अग्रवाल ने भी अपने संबोधन में युवाओं और महिलाओं की इस सक्रिय भागीदारी का विशेष उल्लेख किया। समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

समारोह के अंतिम दिन की शुरुआत गांधी विचार विभाग, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय और जनप्रिय भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पारंपरिक शहीद यात्रा से हुई। प्रत्येक वर्ष की तरह इस यात्रा के दौरान शहर में स्थापित महानायकों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया।

शहीद यात्रा गांधी विचार विभाग में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से शुरू हुई। इसके बाद बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, शहीद भगत सिंह, दीप नारायण सिंह, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद और देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया गया। यात्रा का समापन तिलकामांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। संयोग से कल विश्व आदिवासी दिवस भी था, इसलिए तिलकामांझी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ शहीद यात्रा का समापन विशेष रूप से प्रासंगिक रहा।

समारोह के अंतिम दिन एक तकनीकी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के 50 से अधिक विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने भाग लिया। लंबे समय के बाद समारोह के अवसर पर एक संग्रहणीय स्मारिका (Souvenir) का प्रकाशन भी किया गया। इसमें शोधार्थियों के 50 से अधिक आलेख प्रकाशित किए गए हैं। तकनीकी सत्र के दौरान शोधार्थियों ने अपने शोध और विचार प्रस्तुत किए।

इसी क्रम में ‘किसान और गांधी’ विषय पर भी एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें पुणे से आए वक्ता ने अपने विचार रखे।

समारोह के दौरान सुबह रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। वीकेयर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में लगभग 30 प्रतिभागियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

समापन समारोह में नगर विधायक रोहित पांडेय, शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. डी. पी. सिंह, उपमहापौर सलाउद्दीन अहमद, समारोह के संयोजक डॉ. सुधीर मंडल तथा खानक पीर के सैयद शाह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाशचंद्र गुप्ता ने की, जबकि मंच संचालन प्रसून लतांत ने किया।

तीन दिनों तक चले इस समारोह ने भागलपुर में गांधी के विचारों, स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों और सामाजिक सरोकारों को एक बार फिर जीवंत किया। विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह उम्मीद जगाई कि गांधी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास सार्थक दिशा में आगे बढ़ रहा है।

READ MORE

[the_ad id="32069"]

READ MORE