‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026’ के तहत आयोजित त्रिदिवसीय प्रदर्शनी का कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने किया उद्घाटन
वर्धा, 04 अगस्त, 2026; महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के सहजानंद सरस्वती संग्रहालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम 2026’ के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा पर आयोजित त्रिदिवसीय (04-06 अगस्त, 2026) प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो कुमुद शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, परीक्षा नियंत्रक डॉ सुरेंद्र गादेवार, विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. जनार्दन तिवारी, जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. कृपाशंकर चौबे, कुलानुशासक डॉ. राकेश मिश्र मंचस्थ थे। 
स्वामी सहजानंद सरस्वती संग्रहालय के प्रभारी डॉ. अमित विश्वास ने संग्रहालय में संरक्षित हजारों दुर्लभ पांडुलिपियों, ग्रंथों आदि के बारे में अवगत कराया। संग्रहालय में 19वीं सदी से अब तक की ऐतिहासिक महत्त्व की पत्रिकाएँ और पांडुलिपियाँ सुरक्षित हैं। 
इन कृतियों को देखने और पढ़ने का अनुभव साहित्य इतिहास के जीवंत स्पर्श का एहसास कराता है। संग्रहालय में तुलसीदास रचित हनुमान बाहुक, विजय दोहावली, विनयपत्रिका सटीक, षोड्श रामायण, कुंडलिया रामायण आदि की पांडुलिपियों को संरक्षित की गई हैं। हिंदी की साहित्यिक धरोहर के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा का विकास करने के उद्देश्य से संग्रहालय में उपलब्ध सामग्री की प्रदर्शनी लगायी गई है। 
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के अध्यापक, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा वर्धा के स्थानीय महाविद्यालयों तथा विद्यालयों के विद्यार्थी तथा अध्यापकों ने प्रदर्शनी का लाभ उठाया।














