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परिपत्र : बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा

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बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा

पत्रांक सी०३०एस०एम०-01/26

दिनांक 03/08/2026

-: परिपत्र (सर्कुलर) :-

राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी के चारों संगठनों के संयुक्त मोर्चा के निर्देशानुसार दिनांक 01-08-2026 को बिहार विश्वविद्यालय (तिरहुत प्रक्षेत्र) के सभी शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संगठन बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (बूटा) एवं बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय सेवा शिक्षक संघ (बुस्टा) तथा बी. आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी संघ एवं बी. आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ, मुजफ्फरपुर के सभी माननीय अध्यक्ष / सचिव या नामित प्रतिनिधियों के साथ अन्य महाविद्यालयों से आये शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष/सचिव व प्रतिनिधि बिहार सरकार के प्रस्तावित ‘विश्वविद्यालय अधिनियम-2026’; जिसमें विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की स्वायतता पर प्रहार है; के मद्देनजर एम.पी. साइंस कॉलेज, मुजफ्फरपुर में 03 बजे अपराह्न से आहूत बैठक में शामिल हुए और राज्य स्तरीय विश्वविद्यालय व महाविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा घोषित आगामी संघर्षात्मक व आन्दोलनात्मक कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिए और कार्यक्रम को लागू करने हेतु विश्वविद्यालय प्रक्षेत्र स्तरीय चारों संघों के विश्वविद्यालय प्रक्षेत्रीय संयुक्त संघर्ष मोर्चे की एक संयोजक समिति गठित हुई, जिसके संयुक्त रूप से संयोजक डॉ. सुनील कुमार सिंह व प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता (दोनों विश्वविद्यालय शिक्षक संघ से), प्रो. ललन कुमार झा (विश्वविद्यालय स्नातकोतर विभाग शिक्षक संघ से) श्री रामकुमार एवं श्री राजीव रंजन (विश्वविद्यालय व महाविद्यालय स्तरीय दोनों कर्मचारी संघ से) मनोनीत हुए। साथ ही सभी जिला इकाई के प्रक्षेत्रीय अध्यक्ष/सचिव एवं विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष/सचिव या पदेन सदस्य संघर्ष मोर्चा के नामित हुए। संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक सहित सभी साथी राज्य स्तरीय चारों संघों के संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा घोषित आगामी संघर्षात्मक व आन्दोलनात्मक कार्यक्रम को लागू करने में अग्रणी भूमिका निभाएंगे और सहयोग करेंगे।

प्रस्तावित नया विश्वविद्यालय विधेयक-2026 के मद्देनजर संघर्षात्मक व आन्दोलनात्मक कार्यक्रमः –

1. राज्य स्तरीय संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा जारी आंदोलनात्मक कार्यक्रम के अनुसार 05 अगस्त, 2026 से 08 अगस्त, 2026 तक बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय एवं विश्वविद्यालय स्नातकोतर विभाग एवं सभी महाविद्यालयों में शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपने-अपने कार्यस्थलों पर विरोध दर्ज कराते हुए नियमित कार्य करेंगे।

2. संघर्षात्मक व आन्दोलनात्मक कार्यक्रम की अगली कड़ी में 10 अगस्त, 2026 को विश्वविद्यालय/विश्वविद्यालय स्नाकोत्तर विभागों एवं सभी महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहकर विश्वविद्यालय मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन निमित्त 10 अगस्त, 2026 को 11 बजे पूर्वाह्न में एल. एस. कॉलेज, मुजफ्फरपुर कैंपस स्थित महात्मा गांधी पार्क में सभी एकत्रित होंगे, फिर वहाँ से सब संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर-पोस्टर सहित (जिस पर उनके विभाग/विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के नाम अंकित होंगे) पंक्तिबद्ध हो जुलूस के रूप में नारा लगाते हुए विश्वविद्यालय-परिसर में आएंगे। फिर यह प्रदर्शन विश्वविद्यालय में धरना स्थल पर सभा के रूप परिवर्तित होगा, जिसमें दोनों संघ के शीर्ष नेतृत्व सहित राज्यस्तरीय संघ के आगंतुक नेता अतिथियों का संवाद होगा। तदुपरांत अपराह्न 4:30 बजे प्रदर्शन समाप्त होगा।

3. तत्पश्चात अगले चरण में 11 अगस्त, 2026 से 25 अगस्त, 2026 तक प्रतिदिन अपराह्न 1:30 बजे से 2:00 बजे तक विश्वविद्यालय / विश्वविद्यालय स्नाकोत्तर विभागों एवं सभी महाविद्यालयों में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी अपने कार्य-स्थल के एक स्थान पर एकत्रित होकर (संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर-पोस्टर जिस पर उनके विभाग / विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के नाम अंकित होंगे) के साथ प्रस्तावित अधिनियम के विरोध में नारेबाजी, प्रतिरोध सभा एवं जन-जागरण कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

4. संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य स्तरीय संयुक्त मोर्चा के निर्देशानुसार आगामी 05 सितंबर, 2026 को (शिक्षक दिवस के अवसर पर) विश्वविद्यालय स्नाकोत्तर विभाग एवं महाविद्यालयों में छात्रों एवं अभिभावकों के साथ शिक्षक / कर्मचारी सेमिनार/संगोठी के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे और प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 के संभावित दुष्प्रभावों से उन्हें अवगत करायेंगे। साथ ही उच्च शिक्षा की स्वायत्तता और गुणवत्ता की रक्षा के लिए जन-समर्थन भी जुटाया जाएगा।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक एवं अन्य नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि यह आन्दोलन विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, लोकतांत्रिक मूल्यों, नवोन्मेषी विचारों की स्वतंत्रता एवं उच्च शिक्षा की गरिमा की रक्षा का आन्दोलन है। साथ ही उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों से अपील की कि वे आन्दोलन के प्रत्येक चरण में सक्रिय, अनुशासित एवं एकजुट भागीदारी सुनिश्चित कर इसे हर संभव सफल बनाएँ।

पुनश्च : सभी साथियों से आग्रह है कि सभी स्नातकोतर विभागाध्यक्षों / प्रधानाचार्यो से इस आन्दोलन में शामिल होने की अपील करेंगे। साथ ही प्रस्तावित ‘विश्वविद्यालय विधेयक-2026’ के विरोध में घोषित विभिन्न चरणों के अपने संघर्षात्मक व आन्दोलनात्मक कार्यक्रम को स्थानीय प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक्स मीडिया के माध्यम से जरूर प्रसरित करेंगे, ताकि आप सबका पक्ष एवं आवाज जनसामान्य व राज्य सरकार तक पहुँच सके।

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