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पश्चिमी परिसर स्नातकोत्तर केंद्र में अखिल भारतीय शिक्षा समागम–2026 : तिलाबे टीम बनी क्विज चैंपियन, स्थानीय नदियों के नाम पर रखा गया था टीमों का नाम

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पश्चिमी परिसर स्नातकोत्तर केंद्र में अखिल भारतीय शिक्षा समागम–2026 : तिलाबे टीम बनी क्विज चैंपियन, स्थानीय नदियों के नाम पर रखा गया था टीमों का नाम

सहरसा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम–2026 के अंतर्गत पश्चिमी परिसर, स्नातकोत्तर केंद्र, सहरसा में सोमवार को क्विज प्रतियोगिता एवं शैक्षणिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर प्रभारी डॉ. लाला प्रवीण कुमार सिन्हा ने की तथा मंच संचालन हिंदी विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने किया। शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण में मैथिली विभाग के वरीय सहायक प्राध्यापक एवं संत लक्ष्मीनाथ गोसाईं चेयर के निदेशक डॉ. अरुण कुमार सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की मूल भावना पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से नवाचार, शोध एवं कौशल विकास अपनाने का आह्वान किया।

इतिहास, अर्थशास्त्र, हिंदी एवं मैथिली विभाग के लगभग 100 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया। क्विज का संचालन डॉ. सुप्रीता सुमन ने किया, जबकि निर्णायक अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं सीनेट सदस्य डॉ. अनिल कुमार तथा डॉ. गीता कुमारी रहीं।

इस अवसर पर मैथिली विभागाध्यक्ष डॉ. रमणकांत चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों में जिज्ञासा, अनुसंधान और नवाचार की भावना विकसित करती है तथा ऐसे आयोजन उनके बौद्धिक विकास के साथ आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ बनाते हैं। डॉ. जैनेन्द्र कुमार ने कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 हमें भविष्य की शिक्षा और नई तकनीकों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर देती है। जो विद्यार्थी और शिक्षक बदलती तकनीकों के साथ स्वयं को नहीं जोड़ेंगे, वे आने वाले समय की प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएंगे।” इतिहास विभाग की ममता रानी एवं डॉ. अंजु कुमारी ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। ममता रानी की सांगीतिक प्रस्तुति कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।

प्रतियोगिता के प्रथम चरण में लगभग 100 प्रतिभागियों में से 10 का चयन कर उन्हें कोसी, कमला, बागमती, गंडक एवं तिलाबे नामक पाँच टीमों में विभाजित किया गया। टीमों के नाम कोसी क्षेत्र की प्रमुख नदियों पर आधारित थे। पाँच राउंड तक चले रोमांचक मुकाबले में तिलाबे टीम ने प्रथम, कोसी टीम ने द्वितीय तथा कमला टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बागमती एवं गंडक टीमों को सांत्वना पुरस्कार मिला।

प्रथम स्थान प्राप्त तिलाबे टीम में इतिहास विभाग के श्रीकांत कुमार एवं हिंदी विभाग के आनंद कुमार, द्वितीय स्थान प्राप्त कोसी टीम में अर्थशास्त्र विभाग के रमण कुमार एवं इतिहास विभाग के प्रकाश कुमार, तथा तृतीय स्थान प्राप्त कमला टीम में अर्थशास्त्र विभाग के आदित्य कुमार एवं हिंदी विभाग की माधुरी शामिल थीं। बागमती टीम के अर्थशास्त्र विभाग के अजीत कुमार एवं मैथिली विभाग के शिवनंदन कुमार, तथा गंडक टीम के इतिहास विभाग के पवन कुमार एवं अर्थशास्त्र विभाग के रविंद्र कुमार को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।

पुरस्कार वितरण के अवसर पर अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं सीनेट सदस्य डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि “क्विज प्रतियोगिता केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं, बल्कि तार्किक सोच, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना को विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।” परिसर प्रभारी डॉ. लाला प्रवीण कुमार सिन्हा ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. सुप्रीता सुमन ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं सीनेट सदस्य डॉ. अनिल कुमार ने किया।

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