अहंकार ईश्वर का आहार है
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आज बीएनएमयू, मधेपुरा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को बचाने के लिए शिक्षक संघों एवं कर्मचारी संघों की बैठक में शामिल हुआ। बैठक के दौरान ही सूचना मिली कि बांकीपुर (पटना) विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को शर्मनाक पराजय का सामना करना पड़ा है। इस तरह विश्व की सबसे बड़ी पार्टी अपने नये-,नवेले राष्ट्रीय अध्यक्ष (माननीय प्रधानमंत्री जी के कथित बॉस) द्वारा खाली किए गए सीट को भी बचा पाने में असफल रही।
जाहिर है कि यह लोकतंत्र की बड़ी जीत है। इसके लिए मैं बांकीपुर (पटना) के महान मतदाताओं को बहुत-बहुत साधुवाद देता हूँ। जनता की आवाज बने ‘जन सुराज’ पार्टी के सूत्रधार श्री प्रशांत किशोर जी को बहुत-बहुत बधाई।
बांकीपुर (पटना) के चुनाव-परिणाम को सुनते ही सबसे पहले मुझे अपने मेरे बड़े मामाजी श्री राम नगीना सिंह जी बात याद आई। वे हमेशा बोलते हैं, “अहंकार ईश्वर का आहार है। हमें किसी भी चीज का अहंकार नहीं करना चाहिए। हम अहंकार करेंगे, तो ईश्वर उसे खाकर हजम कर देंगे।”
(नोट ; मामाजी की बात न केवल बांकीपुर, वरन् बीएनएमयू, बिहार, भारत एवं विश्व के संदर्भ में भी लागू होती है।)














