*आओ लौटें अतीत की ओर श्रृंखला का पहला सम्मान दीपक प्रसाद को*
*प्रखर समाजवादी स्वतंत्रता सेनानी भूपेंद्र बाबू की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित*
महामना भूपेंद्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर आजाद पुस्तकालय द्वारा 28 मई, 2026 (गुरुवार) को भूपेन्द्र नारायण मंडल स्टेडियम में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें सर्वप्रथम भूपेन्द्र बाबू के सुपौत्र दीपक प्रसाद को अंगवस्त्रम्, स्मृति चिह्न एवं स्मारिका भेंटकर सम्मानित किया गया।
*दीपक प्रसाद का सम्मान भूपेंद्र बाबू के कृतित्व और व्यक्तित्व का सम्मान*
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आजाद पुस्तकालय के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी ने कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल इस क्षेत्र के अग्रिम पंक्ति के राजनीतिक एवं सामाजिक हस्ती के रूप में स्थापित हैं उनके ज्येष्ठ पौत्र दीपक प्रसाद को भूपेंद्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि के पूर्व संध्या पर सम्मानित करना भूपेंद्र बाबू के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के साथ साथ उनके विचारों को संग्रहित कर आमजनों तक पहुंचाने में सहायक बने पौत्र दीपक प्रसाद का भी अभिनंदन है।
*अपने जीवन काल में सदैव समाज सृजन को समर्पित रहे दादा जी*
आओ लौटे अतीत की ओर की पहली कड़ी में सम्मानित होने के उपरांत अपने संबोधन में दीपक प्रसाद ने कहा कि यह सम्मान मूलतः श्रद्धेय दादाजी भूपेन्द्र बाबू के उन योगदानों का सम्मान है जो उन्होंने अपने जीवनकाल में संघर्ष और सेवा के बदौलत कमाया।उन्होंने कहा कि परिवार एवं समाज में उनके सामाजिक एवं राजनीतिक आदर्शों की चर्चा और मिसाल आज भी रोमांचित और गौरवान्वित करती हैं। उनकी विरासत एवं आदर्शों को संजोना और बढ़ाना सबकी जवाबदेही है। वहीं उन्होंने आजाद पुस्तकालय के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे वर्तमान और भविष्य को अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि आजाद पुस्तकालय द्वारा एक महीने तक चलने वाले कार्यक्रम को छोटे छोटे कड़ियों से जोड़ते हुए यादगार बनाने का प्रयास है। इस कड़ी में आओ लौटे अतीत की ओर कड़ी की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत जिले की विरासत एवं भूली बिसरी पहचान को सामने लाया जाएगा। इस कड़ी की शुरुआत इस क्षेत्र के आदर्श हस्ताक्षर प्रखर समाजवादी स्वतंत्रता सेनानी भूपेंद्र बाबू के परिवार से से होना गर्व का विषय है।

*आजाद पुस्तकालय द्वारा बुके नहीं बुक की मुहिम में दीपक प्रसाद रहे सहायक*
कार्यक्रम का संचालन करते हुए आजाद पुस्तकालय के सचिव डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने कहा कि भूपेंद्र बाबू के पौत्र दीपक प्रसाद मूलतः आदर्श व्यक्तित्व के धनी है, सादगी , व्यवहारकुशलता जहां उनकी पहचान है।आजाद पुस्तकालय द्वारा चलाई गई मुहिम बुके नहीं बुक के मुहिम में लगातार निःशुल्क पुस्तक उपलब्ध कराकर उन्होंने सहयोग दिया।
*ऐसे कार्यक्रमों से युवाओं को भूपेंद्र बाबू को जानने का मिला अवसर*
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए नेशनल एकेडमी के संचालक एवं प्रशिक्षक जयराज ने कहा कि ऐसे आयोजनों की अपनी खास प्रासंगिकता है।इस बी एन मंडल स्टेडियम में लगातार जुड़े रहने वाले बड़ी सख्या में छात्र छात्राओं, युवाओं को आज भूपेंद्र बाबू को जानने एवं उनके पौत्र दीपक प्रसाद को सुनने का अवसर मिला। आजाद पुस्तकालय का यह प्रयास सराहनीय है।
इस अवसर पर वरीय प्रशिक्षक शंभू कुमार, डॉ. सौरभ कुमार चौहान, बेचन, अमर कुमार, महेश, प्रदीप, ओम प्रकाश, प्रमोद, संजीव, दीपक, गंगाधर, आरती, शगूफा प्रवीण, मुस्कान, भारती, अनुप्रिया, नीतू, गुड़िया, प्रतिज्ञा, प्रीति आदि उपस्थित थे।












