युद्ध नहीं बुद्ध: बिहार ने दिया विश्व कल्याण का मंत्र- राज्यपाल
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राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर समस्त बिहारवासियों एवं देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी है।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा है कि “युद्ध नहीं, बुद्ध” की भावना ही बिहार की महान सांस्कृतिक विरासत का सार है। यही वह भूमि है, जहाँ बोधगया में भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने समस्त मानवता को सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति का संदेश दिया।
विश्व कल्याण के आधारस्तंभ
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उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के उपदेश केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन ही नहीं, बल्कि वैश्विक शांति और विश्व कल्याण के आधारस्तंभ हैं। उनके द्वारा प्रतिपादित आष्टांगिक मार्ग मानव जीवन को संतुलित, नैतिक, सार्थक और उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान करता है।
मानव कल्याण के लिए अनिवार्य
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राज्यपाल ने कहा कि आज के अशांत और संघर्षपूर्ण समय में भगवान बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। “युद्ध नहीं, बुद्ध” का संदेश हमें हिंसा से दूर रहकर संवाद, सहिष्णुता और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है, जो विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए अनिवार्य है।
उपदेशों में विश्व कल्याण के मंत्र
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राज्यपाल ने कहा है कि भगवान बुद्ध को बिहार के बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई और उन्होंने हमें सत्य, अहिंसा, प्रेम, करुणा और शांति का संदेश दिया। उनके उपदेशों में विश्व कल्याण के मंत्र छिपे हुए हैं। उनके द्वारा प्रतिपादित अष्टांगिक मार्ग मानव जीवन को संतुलित, सार्थक और उद्देश्यपूर्ण दिशा प्रदान करता है।
आइए, संकल्प लें ……
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उन्होंने कहा, बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर हमें उनके संदेशों और शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात कर शांतिपूर्ण, समतामूलक और समावेशी समाज के निर्माण में अहम योगदान देनेे का संकल्प लेना चाहिए।
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वरिष्ठ पत्रकार अग्रज श्री स्वयं प्रकाश जी के फेसबुक वॉल से साभार।













