Search
Close this search box.

एक अत्यंत गौरवशाली क्षण है! एक साथ तीन अलग-अलग प्रकाशकों के माध्यम से पांच कृतियों का लोकार्पण साहित्य जगत में एक बड़ी उपलब्धि है।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

एक अत्यंत गौरवशाली क्षण है! एक साथ तीन अलग-अलग प्रकाशकों के माध्यम से पांच कृतियों का लोकार्पण साहित्य जगत में एक बड़ी उपलब्धि है।

भारतीय साहित्य और दर्शन के लिए एक ऐतिहासिक दिन!
आज दिल्ली के केशव कुंज, साधना स्थित ABISY सभागार में एक भव्य साहित्यिक समारोह संपन्न हुआ। श्रीमान सुरेश सोनी जी के कर-कमलों द्वारा प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल द्वारा रचित पांच महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण किया गया।
इतिहास, संस्कृति, दर्शन और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विविध विषयों को समेटे हुए ये पुस्तकें हमारे समकालीन बौद्धिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण योगदान हैं।
लोकार्पित पुस्तकों का विवरण
1.भारत की ज्ञान संस्कृति प्रलेक प्रकाशन सांस्कृतिक दर्शन
2.सत्य का उत्तराधिकारी प्रलेक प्रकाशन उपन्यास
3. अथ-नचिकेतोपाख्यान अनामिका प्रकाशन उपन्यास
4.गौरवशाली संस्कृति अनामिका प्रकाशन सांस्कृतिक दर्शन
5. Understanding Indian Knowledge System किताबवाले भारतीय ज्ञान परंपरा
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
* विविध विधाएं: इन पांच पुस्तकों में दो उपन्यास, दो सांस्कृतिक दर्शन की कृतियां और भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित एक शोधपरक पुस्तक शामिल है।
* प्रतिष्ठित प्रकाशक: इस साहित्यिक यात्रा में प्रलेक प्रकाशन, अनामिका प्रकाशन और किताबवाले की सहभागिता रही।
* भारतीयता का विजन: ये पुस्तकें प्राचीन ज्ञान को आधुनिक संदर्भों से जोड़ते हुए भारतीय मानस की गहराई को टटोलती है|

लोकार्पण समारोह में प्रमुख उपस्थिति रही- श्री गोपाल नारायण सिंह कुलाधिपति एवं पूर्व सांसद, प्रो ईश्वरशरण विश्वकर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष इ सं योजना, डा बाल मुकुंद पाण्डेय राष्ट्रीय संगठन मंत्री इ सं यो, प्रो.सतप्रकाश बंसल कुलपति हि.प्र. केन्द्रीय विश्वविद्यालय, प्रो सुष्मिता पाण्डेय, प्रो कपिलदेव मिश्र पूर्व कुलपति रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, प्रो ए पी.सिंह महानिदेशक राजाराममोहन राय नेशनल लाइब्रेरी फाउंडेशन एवं नेशनल लाईब्रेरी, डा ओमजी उपाध्याय सदस्य सचिव भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् सहित देश भर से आये अनेक लब्ध प्रतिष्ठ आचार्य और अध्येता उपस्थित रहे।
#BookLaunch #IndianLiterature #KnowledgeSystem #NewBooks #HindiLiterature #RajneeshKumarShukla #भारतीय_संस्कृति #IKS

READ MORE