प्रो. बैद्यनाथ लाभ को श्रद्धांजलि
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सुप्रसिद्ध दार्शनिक एवं शिक्षाविद तथा सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति एवं नव नालंदा महाविहार, नालंदा (बिहार) के पूर्व कुलपति प्रो. बैद्यनाथ लाभ का सोमवार को आकस्मिक निधन हो गया। इससे दर्शन-जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बीएनएमयू, मधेपुरा में दर्शनशास्त्र के पूर्व विभागाध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी ने बताया कि प्रो. लाभ एक उद्भट विद्वान, कुशल प्रशासक तथा सहृदय इंसान थे। उनके निधन से शिक्षा-जगत को अपूर्णीय क्षति हुई है।

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रो. लाभ का मधेपुरा से आत्मीय संबंध था। वे महाविद्यालय में वर्ष 2021 में आयोजित दर्शन परिषद्, बिहार के 42वें वार्षिक अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। महाविद्यालय के पूर्व अर्थपाल डॉ. अपूर्व कुमार मल्लिक उनके साथ निकट रिश्तेदार हैं।
उन्होंने बताया कि प्रो. लाभ बौद्ध एवं पालि के विशिष्ट विद्वान थे। वे शिक्षा मंत्रालय के अधीन पालि विकास बोर्ड के चेयरमैन का दायित्व निर्वहन कर रहे हैं। उन्हें लेह लद्दाख में केंद्रीय बौद्ध अध्ययन केंद्र के निदेशक का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। वे भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद के भी सदस्य रहे।
उन्होंने बताया कि प्रो. लाभ को 2021 में इंडियन सोसाइटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज़ के द्वारा मंजुश्री सम्मान, 2022 में कर्ण महाकुम्भ, काठमांडू द्वारा प्रतिष्ठित कर्णश्री सम्मान और पंडित किशोरी झा नैयातिक शिखर सम्मान आदि अनेकों सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रो. लाभ ने दो किताबों का स्वतंत्र लेखन एवं 24 किताबों का संपादन किया है। उन्होने 100 से ज्यादा शोध पत्र लिखे हैं एवं 16 पीएचडी शोधार्थियों के गाइड रहे हैं।














