आमंत्रण
संगोष्ठी : “अगस्त क्रांति का संदेश”
दिनांक : 13 अगस्त 2026
समय : दोपहर 12 बजे से
स्थान : स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग
प्रिय साथी,
भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में 9 अगस्त 1942 की अगस्त क्रांति ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध निर्णायक जनप्रतिरोध का स्वर बुलंद किया था। “करेंगे या मरेंगे” का आह्वान केवल सत्ता परिवर्तन का नारा नहीं था, बल्कि यह भारतीय जनता की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और लोकतांत्रिक चेतना की अभिव्यक्ति था।
इसी ऐतिहासिक विरासत, उसके मूल्यों और आज के भारत में उसकी प्रासंगिकता पर विचार-विमर्श के लिए “अगस्त क्रांति का संदेश” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है।
आपसे आग्रह है कि इस विचारपूर्ण संवाद में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएँ और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों को समझने तथा वर्तमान संदर्भ में उनके महत्व पर संवाद को समृद्ध करें।
आपकी उपस्थिति हमारे लिए प्रेरणा और संवाद की शक्ति होगी।
सादर आमंत्रित।
निवेदक
स्नातकोत्तर गांधी विचार विभाग एवं जनप्रिय भागलपुर














