याद किए गए भारतरत्न जननायक कर्पूरी
सच्चे समाज सुधारक थे जननायक
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मधेपुरा। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), बीएनएमयू, मधेपुरा कार्यालय में में भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं पूर्व कुलसचिव प्रो. नरेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर एक सच्चे समाज सुधारक थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में समाजवाद को धरातल पर उतारने का प्रयास किया और इसके लिए सबों को शिक्षा एवं रोजगार के समान अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।
उन्होंने मैट्रिक परीक्षा में अंग्रेजी में उत्तीर्णता की अनिवार्यता को समाप्त कर शिक्षा की रौशनी को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया। उनके द्वारा लागू आरक्षण फार्मूला बहुत हदतक समावेशी था। इसमें महिलाएं एवं गरीब सवर्ण भी शामिल थे।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर सादगी एवं ईमानदारी के पर्याय थे। उन्होंने राजनीति में नैतिकता के उच्च मापदंड स्थापित किया। आज उनके जैसा जननायक दुर्लभ है।
विषय प्रवेश कराते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने बताया कि कर्पूरी ठाकुर हमेशा समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलते थे।
विषय प्रवेश कराते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने मौके पर एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि एनएसएस द्वारा युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से लगातार विभिन्न महापुरुषों को याद किया जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर दर्शनशास्त्र विभाग के शोधार्थी डॉ. सौरभ कुमार चौहान, योगेंद्र कुमार आदि उपस्थित थे।














