Search
Close this search box.

मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण केन्द्र में नामांकन के लिए जमा हो रहे हैं आवेदन। अंतिम तिथि 30 जून तक।

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण केन्द्र में नामांकन के लिए जमा हो रहे हैं आवेदन। अंतिम तिथि 30 जून तक।

—-

मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण केंद्र में नामांकन हेतु आवेदन पत्र जमा लिया जा रहा है।

जिला कल्याण पदाधिकारी रामकृपाल प्रसाद ने बताया कि इस केंद्र की शुरुआत बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग एवं अतिपिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पटना द्वारा उच्च शैक्षणिक संस्थानों में शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है।। इसमें विद्यार्थियों को इनईटी, जीएटीई, जेआरएफ, पीएचडी आदि प्रतियोगिता परीक्षाओं में चयनित होने के लिए परीक्षा पूर्व निशुल्क प्रशिक्षण (कोचिंग) की व्यवस्था है। फिलहाल जुलाई सत्र के लिए 30 जून तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदन पत्र निगम की वेबसाइट से डाउनलोड भी किया जा सकता है।

प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र के निदेशक डॉ. विश्वनाथ विवेका ने बताया कि मार्गदर्शन केंद्र भी प्रशिक्षण केन्द्र के साथ ही प्रशासनिक परिसर अवस्थित पुराने स्नातकोत्तर हिंदी विभाग में चल रहा है। विद्यार्थी यहां स्वयं आकर भी आवेदन जमा करा सकते हैं अथवा निबंधित डाक से भी आवेदन भेज सकते हैं। पता है- निदेशक, मुख्यमंत्री व्यावसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्शन एवं उत्प्रेरण केंद्र, प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र कार्यालय, पुरानी हिंदी विभाग, प्रशासनिक परिसर (ओल्ड कैम्पस), भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, लालूनगर मधेपुरा-852113 (बिहार)।वाट्सएप-9934629245

*कुल 120 सीटों पर होगा नामांकन*

असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि केन्द्र में कुल 60 छात्र -छात्राओं का दो बैच (प्रशिक्षण अवधि 06 माह) संचालित कराया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रत्येक बैच के लिए कुल उपलब्ध सीटों (60) में से 40 प्रतिशत (24) पिछड़ा वर्ग तथा 60 प्रतिशत (36) अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए अनुमान्य होगा। अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की अनुपलब्धता की स्थिति में पिछड़ा वर्ग के छात्र- छात्राओं को एवं पिछड़ा वर्ग के

छात्र-छात्राओं की अनुपलब्धता की स्थिति में अति पिछड़ा वर्ग के छात्र- छात्राओं का नामांकन किया जाएगा। दोनों कोटियों में छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत छैतिज आरक्षण अनुमान्य है।

उन्होंने बताया कि केंद्र में नामांकन के लिए विद्यार्थियों का चयन संबंधित परीक्षाओं के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुरूप विषय के बहु-विकल्पीय लिखित परीक्षा या काउंसिलिंग के माध्यम से चयन किया जाएगा। विद्यार्थियों की आयु सीमा एवं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधित कोर्स के अंतर्गत होने वाली प्रतियोगिता परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता के अनुरूप होनी चाहिए।छात्र-छात्रा एवं उनके अभिभावक की कुल वार्षिक आय तीन लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।

READ MORE

[the_ad id="32069"]

READ MORE

दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।