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बीएनएमयू होगा अंगदान से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम।

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*बीएनएमयू होगा अंगदान से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम*

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर अंगदान एक जनांदोलन बनकर उभरा है। अंगदान के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए एक वेब पोर्टल माध्यम से शुरु किये गये अंगदान प्रतिज्ञा पंजीकरण अभियान के तहत अब तक एक लाख सत्ताईस हजार से अधिक देशवासी अंगदान की प्रतिज्ञा ले चुके हैं। इसी कड़ी में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से प्राप्त अनुरोध के आलोक में राज्यपाल सचिवालय द्वारा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है। इस पत्र के अनुपालनार्थ कुलपति प्रो. बी. एस. झा ने बीएनएमयू, मधेपुरा में भी अंगदान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का निदेश दिया है।

*अंगदान के प्रति हो व्यापक जागरुकता*
कुलपति के निदेश के आलोक में कार्यक्रम समन्वयक (एनएसएस) डॉ. सुधांशु शेखर ने सभी महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र प्रेषित किया है। पत्र में अभियान को आगे बढ़ाने हेतु महाविद्यालय के छात्रों के बीच अंगदान के प्रति व्यापक जागरुकता फैलाने और उनके भ्रम को दूर करने हेतु विभिन्न कदम उठाने पर जोर दिया गया है।

*अंगदान प्रतिज्ञा के देशव्यापी अभियान से जुड़ें*
समन्वयक ने सभी प्रधानाचार्यों से अनुरोध किया है कि वे अपने कार्यक्रम पदाधिकारियों को निदेशित करें कि वे शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आमलोगों को इस अंगदान प्रतिज्ञा के देशव्यापी अभियान से जुड़ने हेतु प्रेरित करें। महाविद्यालय स्तर पर अंगदान से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाय और आयोजित कार्यक्रमों से संबंधित प्रतिवेदन, फोटोग्राफ, वीडियो एवं पेपर कटिंग रा.से.यो. कार्यालय के ई-मेल nssbnmu@gmail.com पर भेजने का कष्ट किया जाए।

*विश्वविद्यालय स्तर पर भी होगा कार्यक्रम*
उन्होंने बताया कि आगे विश्वविद्यालय स्तर पर इससे संबंधित कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसकी तिथि शीघ्र निर्धारित की जाएगी। इसमें विषय के विशेषज्ञ को आमंत्रित किया जाएगा।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

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