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पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री हरि सहनी का स्वागत

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*मंत्री हरि सहनी का स्वागत*

तिरंगा यात्रा में शामिल होने मधेपुरा पहुंचे पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार सरकार के मंत्री हरि सहनी का जिला अतिथि गृह में स्वागत किया गया। उन्होंने अंगवस्त्रम् एवं पुष्पगुच्छ और गौतम बुद्ध की प्रतिमा एवं ) गांधी विमर्श पुस्तक भेंट की गईं।

*गुरू का स्थान सर्वोपरि*
इस अवसर पर श्री सहनी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा है। इसलिए गुरु की बड़ी जिम्मेदारी बनती है। एक अच्छा गुरु ही समाज एवं राष्ट्र के लिए एक अच्छा नागरिक तैयार कर सकता है। इसलिए सभी शिक्षकों को एक आदर्श गुरु बनने का प्रयास करना चाहिए।

बीएनएमयू, मधेपुरा के पूर्व सीसीडीसी डॉ. अमोल राय, ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने श्री सहनी द्वारा पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में किए जा रहे कार्यों की सराहना की और आशा व्यक्त किया कि इनके प्रयासों से आगे इन दोनों वर्गो में और भी जागृति आएगी।

*बीएन एमयू में संचालित हैं दो नि:शुल्क केंद्र*
जिला कल्याण पदाधिकारी रामकृपाल प्रसाद ने श्री सहनी को मधेपुरा में पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा बीएनएमयू में दो नि:शुल्क प्रशिक्षण केन्द्र संचालित है। इनमें मुख्यमंत्री व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन केंद्र के अंतर्गत विद्यार्थियों को नेट-जेआरएफ, पीएचडी आदि की तैयारी हेतु नि:शुल्क प्रशिक्षण (कोचिंग) की व्यवस्था है। इसके अलावा प्राक् परीक्षा प्रशिक्षण केन्द्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी कराई जाती है। यहां कई छात्रावासों का भी सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है।

इस अवसर पर इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विश्वविद्यालय प्रमुख प्रो. ललन प्रसाद अद्री, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी बंदना कुमारी, असिस्टेंट प्रोफेसर (दर्शनशास्त्र) डॉ. सुधांशु शेखर, असिस्टेंट प्रोफेसर (हिंदी) संजीव कुमार सुमन, असिस्टेंट प्रोफेसर (शिक्षाशास्त्र) डॉ. रंजन कुमार, शोधार्थी सौरभ कुमार चौहान, डॉ. शिवनाथ आदि उपस्थित थे।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।