बीएनएमयू में खिलाड़ियों का मजबूत टीम बने: कुलपति
आर. एम. कॉलेज में दो दिवसीय अंतर महाविद्यालय मार्शल आर्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ
सहरसा। भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के तत्वावधान में आर. एम. कॉलेज, सहरसा में बुधवार को दो दिवसीय अंतर महाविद्यालय मार्शल आर्ट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का उद्घाटन कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एस. झा ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर. एम. कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने की।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के निदेशक प्रो. (डॉ.) मो. अबुल फज़ल तथा उपनिदेशक डॉ. जैनेन्द्र कुमार मौजूद थे। वहीं विश्वविद्यालय चयन समिति के सदस्य के रूप में डॉ. कपिलदेव पासवान एवं डॉ. वीणा कुमारी भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के आरंभ में प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान के नेतृत्व में महाविद्यालय परिवार की ओर से कुलपति सहित सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। अतिथियों को पाग पहनाकर तथा पुष्पगुच्छ, चादर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
उद्घाटन अवसर पर कुलपति प्रो. (डॉ.) बी. एस. झा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन इस प्रकार किया जाना चाहिए कि प्रतिभावान खिलाड़ियों की पहचान हो और अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं के लिए विश्वविद्यालय की बेहतर टीम का चयन आसानी से किया जा सके। उन्होंने कहा कि अंतर महाविद्यालय स्तर पर अच्छे खिलाड़ियों का चयन ही अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर विश्वविद्यालय के बेहतर प्रदर्शन की बुनियाद है। मजबूत और संतुलित टीम तैयार होगी तो विश्वविद्यालय अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकेगा और विश्वविद्यालय का नाम रोशन होगा।
कुलपति ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करते हैं। विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) गुलरेज रौशन रहमान ने कुलपति, विशिष्ट अतिथियों, विश्वविद्यालय चयन समिति के सदस्यों तथा विभिन्न महाविद्यालयों से आए खिलाड़ियों एवं टीम पदाधिकारियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करती हैं। आर. एम. कॉलेज प्रतियोगिता के सफल आयोजन एवं खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्रीड़ा एवं सांस्कृतिक परिषद् के निदेशक प्रो. (डॉ.) अबुल फज़ल ने कहा कि अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय की श्रेष्ठ टीम तैयार करने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इनके माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतर विश्वविद्यालय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों के महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने भाग लिया। पहले दिन आयोजित विभिन्न मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, कौशल और दमखम का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों में प्रतियोगिता को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
दो दिवसीय प्रतियोगिता के पहले दिन विभिन्न स्पर्धाओं के मुकाबले संपन्न हुए। इसमें 55 किलोग्राम पुरुष वर्ग में बनवारी शंकर महाविद्यालय, सहरसा के श्याम कुमार को स्वर्ण पदक, आर.एम. कॉलेज, सहरसा के करणवीर सोनी को रजत और आर.एम. कॉलेज, सहरसा के रामसागर पंडित को काँस्य पदक मिला. 50 किलोग्राम महिला वर्ग में विश्वविद्यालय समाजशास्त्र विभाग की ऋचा स्मृति को स्वर्ण, आर.एम. कॉलेज, सहरसा की रितु को रजत और आर.एम. कॉलेज, सहरसा की अंजली कुमारी को काँस्य पदक मिला. वुशु 55 किलोग्राम पुरुष वर्ग में एसएनएसआरकेएस के कृष्ण, अंकित, प्रिंस को क्रमशः स्वर्ण, रजत और काँस्य पदक मिला।
प्रतियोगिता के सफल आयोजन में खेल प्रभारी डॉ. राम अवधेश कुमार तथा सांस्कृतिक प्रभारी डॉ. प्रतिभा कपाही की सक्रिय भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. इन्द्रकान्त झा, डॉ. आशुतोष कुमार झा, डॉ. लक्ष्मी कुमार कर्ण, डॉ. रामानन्द रमण, डॉ. उर्मिला अरोरा, डॉ. कविता कुमारी, डॉ. शुभ्रा पांडे, डॉ. पिंकी कुमारी, डॉ. कुमारी अपर्णा , डॉ. मंसूर आलम, डॉ. संजय कुमार, डॉ. किरण, डॉ. मोनिका कुमारी, डॉ. विनीता चौहान, डॉ. श्वेता प्रसाद, डॉ. संजय कुमार परमार, डॉ. अक्षय चौधरी एवं डॉ. आलोक मिश्र सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में श्री आलोक कुमार मिश्रा, मो. सोहराब एवं मो. इरशाद सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहयोग किया।














