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‘ग्लोबल इथिक्स एंड मोरलिटी : इनसाइट्स फ्राम विवेकानंद, टैगोर एंड गांधी’पुस्तक भेंट की

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*पुस्तक भेंट की*

रमेश झा महिला महाविद्यालय, सहरसा की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रत्यक्षा राज ने गुरुवार को विश्वविद्यालय पदाधिकारियों को अपनी पुस्तक ‘ग्लोबल इथिक्स एंड मोरलिटी : इनसाइट्स फ्राम विवेकानंद, टैगोर एंड गांधी’ भेंट कीं। इस अवसर पर कुलानुशासक डॉ. इम्तियाज अंजूम, कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर एवं कार्यक्रम समन्वयक (एनएसएस) डॉ. सुधांशु शेखर आदि उपस्थित थे।

डॉ. प्रत्यक्षा ने बताया कि यह पुस्तक तीन प्रभावशाली भारतीय विचारकों के दर्शन और आध्यात्मिक विचारों का अन्वेषण करती है, जिसमें स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी शामिल हैं। यह पुस्तक तीन प्रभावशाली भारतीय विचारकों के दर्शन और आध्यात्मिक विचारों का अन्वेषण करती है, जिसमें स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर और महात्मा गांधी शामिल हैं। पुस्तक में उनके जीवन और शिक्षाओं का विश्लेषण किया गया है, जो आज के वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए प्रासंगिक हैं।

उन्होंने बताया कि वैश्विक समझ एवं सहयोग को बढ़ावा देने में नैतिकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। नैतिकता के लिए एक समग्र दृष्टिकोण आवश्यक है, जो आध्यात्मिक, सामाजिक एवं पर्यावरणीय आयामों को शामिल करता है।

तीनों पदाधिकारियों ने लेखिका को बधाई दी। तीनों ने आशा व्यक्त की कि यह पुस्तक पाठकों को अपने मूल्यों और कार्यों पर विचार करने और एक अधिक न्यायपूर्ण और दयालु दुनिया बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित कर सकती है।

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विषय : माननीय विधान पार्षद, डॉ० संजीव कुमार सिंह एवं अन्य माननीय विधान पार्षदगण के संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त प्राप्त पत्र, जो बिहार में स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं राज्य की उच्च शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव से संबंधित है, पर यथोचित कार्रवाई करने के संबंध में।

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

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