*अंगिका कवि प्रो. जायसवाल हुए सम्मानित*
*संवाददाता।*
पटना। नीलांबरी फाउंडेशन मुम्बई ने प्रो. महेश्वर प्रसाद जायसवाल को अंगिका कविता संग्रह “गांव के छांव” के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्हें चादर और पुष्प गुच्छ भेंट किया गया। मौके पर उपस्थित कवियों ने भाव-विभोर होकर उनकी अंगिका कविता पाठ का आनन्द लिया।
ज्ञात हो कि प्रो. जायसवाल गणित के प्राध्यापक रहे हैं। हाल ही में उनकी अंगिका कविता संग्रह “गांव के छांव” प्रकाशित हुई है। जिसे काफी लोकप्रियता मिल रही है।
वे मुंबई जैसे महानगरों में अपनी मातृभाषा अंगिका की सुगंध फैलाने में लगे हुए हैं। उनकी सक्रियता इस अस्सी वर्ष की उम्र में भी युवाओं की तरह बनी हुई है।
उनके इस कविता संग्रह में छोटी-छोटी कविताएं हैं और गांव की याद को तरोताजा महसूस कराती है। इसमें बचपन की यादों को पिरोया गया है। जो पढ़ने में हर किसी को बचपन की याद दिला देता है।
मुम्बई में इनके सम्मानित होने पर बिहार और खासकर पटना के अंगिका साहित्यकार व शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके स्वस्थ जीवन की मंगलकामना के साथ ही बधाई दी है।
इसमें डॉ. विभुरंजन, श्रीकांत, विधु शेखर पाण्डेय, डॉ. आर. प्रवेश, इ. गोविन्द जायसवाल, सेवानिवृत्त प्राचार्य अवधेश जायसवाल, साउथ बिहार केन्द्रीय विश्विवद्यालय गया में पत्रकारिता विभाग के नव नियुक्त सहायक प्राध्यापक डॉ. शोभित सुमन, इ. शेखर खागरी, देवेश पोद्दार, सरस्वती कुमारी, टी.एन.बी. काॅलेज में हिन्दी के सहायक प्राध्यापक डॉ. अमलेन्दु कु. अंजन, हलसी डिग्री कॉलेज लखीसराय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार, गोरेलाल मेहता काॅलेज बनमनखी के प्राचार्य प्रो. प्रमोद भारतीय, पारस कुंज, अभय भारती, पूर्णिया विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. जितेश कुमार शामिल हैं।













