University Act-2026 के विरोध में चौथे दिन भी आधे घंटे का धरना
25 अगस्त तक जारी रहेगा चरणबद्ध आंदोलन
संघर्ष मोर्चा ने जताया सभी का आभार
आंदोलन में स्वायत्तता का मुद्दा प्रमुख
University Act-2026 के विरोध में चौथे दिन भी आधे घंटे का धरना
बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) और इसके विभिन्न महाविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने प्रस्तावित University Act-2026 के विरोध में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी आधे घंटे का धरना-प्रदर्शन किया। दोपहर 1:30 बजे से 2:00 बजे तक अपने-अपने कार्यस्थलों पर एकत्र होकर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने की मांग दोहराई।
25 अगस्त तक जारी रहेगा चरणबद्ध आंदोलन
संघर्ष मोर्चा के घोषित तीसरे चरण के आंदोलन के तहत 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन आधे घंटे के लिए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आंदोलनकारी शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय अधिनियम-2026 राज्य के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता को प्रभावित करेगा, इसलिए इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा रहा है।इतिहास
बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय के विश्वविद्यालय विभागों तथा विभिन्न अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी एक स्थान पर एकत्र हुए और विधेयक के विरोध में एकजुटता का प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार से प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार करने की मांग भी उठाई गई।
संघर्ष मोर्चा ने जताया सभी का आभार
बी.आर.ए. बिहार विश्वविद्यालय शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य डॉ. सुनील कुमार सिंह, प्रो. रमेश प्रसाद गुप्ता, प्रो. ललन कुमार झा, श्री राजीव कुमार और श्री राम कुमार ने आंदोलन में लगातार भागीदारी निभाने वाले सभी शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। 
BRABU के शिक्षक-कर्मचारियों ने जताई एकजुटता
नेतृत्वकारी सदस्यों ने कहा कि विश्वविद्यालय समुदाय की एकजुटता ही इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने सभी शिक्षकों और कर्मचारियों से आगामी दिनों में भी राज्य स्तरीय संघर्षात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने की अपील की, ताकि प्रस्तावित विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को लागू होने से रोका जा सके।













