
Art.। आलेख। वैचारिक द्वंद। आशीष कुमार झा ‘माधव’
वैचारिक द्वंद मानव जीवन केवल ब्लैक एंड व्हाइट नहीं होता है। बीच मे ग्रे भी आता है जो इसकी लोचपूर्णता को बख़ूबी दर्शाता है।और बदलते

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तिलका मांझी राष्ट्रीय सम्मान 2020 के लिए रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार का चयन भागलपुर। देश दुनिया में अपनी कला के बदौलत अपनी पहचान स्थापित करने

कविता /खुद को बदलते हुए देखा है…/सुनील कुमार आज मैंने खुद को बदलते हुए देखा है। रिस्तों की बुनियाद पर स्वार्थ को हावी होते देखा

BNMU : कुलपति ने की कुलाधिपति से शिष्टाचार भेंट
वर्षों पहले मैंने दैनिक जागरण के साप्ताहिक आयोजन जागरण सिटी में एक आलेख लिखा था- “तारकेश्वर प्रसाद : जिनसे मिलकर आश्चर्यचकित हुए थे प्रेमचंद”। आज
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