
Culture कारपोरेट कल्चर : मंथरा, कैकई एवं विभीषण की पॉपुलरिटी खतरनाक/ लेखक- डॉ. प्रणय प्रियंवद, जमालपुर, मुंगेर, बिहार
कारपोरेट कल्चर : मंथरा, कैकई एवं विभीषण कीपॉपुलरिटी खतरनाक लेखक- डॉ प्रणय प्रियंवद, जमालपुर, मुंगेर, बिहार रा = राष्ट्रीय म= मन राम कथा का सबसे

BNMU : स्वतंत्रता दिवस दिवस पर होगा सादा समारोह
स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन हेतु गठित समिति की बैठक

कोरोना से बचाव : सामाजिक दूरी की अपेक्षा में संयम का व्यावहारिक महत्त्व/प्रो. इन्दु पाण्डेय खंडूड़ी अध्यक्षा, दर्शनशास्त्र विभाग हे. न. ब. गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर [गढ़वाल], उत्तराखंड
कोरोना से बचाव : सामाजिक दूरी की अपेक्षा में संयम का व्यावहारिक महत्त्व प्रो. इन्दु पाण्डेय खंडूड़ी अध्यक्षा, दर्शनशास्त्र विभाग, हे. न. ब. गढ़वाल केन्द्रीय

“ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली : लाभ एवं हानि” विषयक एक व्याख्यान 5 अगस्त, 2020, को पूर्वाहन 11: 00 बजे
व्याख्यान 5 अगस्त को बी. एन. मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के फेसबुक पर Facebook.com/bnmusamvad पर पूर्वाहन 11:00 बजे से “ऑनलाइन शिक्षा प्रणाली : लाभ एवं हानि”

हिंदी साहित्य भारती” की साप्ताहिक ऑनलाइन ‘राष्ट्रीय लघुकथा-काव्यगोष्ठी’ में हुई इंद्रधनुषी रचनाओं की प्रस्तुति
“हिंदी साहित्य भारती” की साप्ताहिक ऑनलाइन ‘राष्ट्रीय लघुकथा-काव्यगोष्ठी’ में हुई इंद्रधनुषी रचनाओं की प्रस्तुति —– राष्ट्रीय संस्था “हिंदी साहित्य भारती” के तत्वावधान् में गत दिवस

कविता/ हवाओं का रुख बदला है/ अंजलि आहूजा, श्रीनगर गढ़वाल उत्तराखंड
हवाओं का रुख बदला है, सूखे पत्तों को हवाओं से क्या डर ले जायें न जाने किस डगर टूटा जो दरख़्त से कभी रंग बदला,

Poem। कविता / लहरें /अंजलि आहूजा, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड पिन-246174
लहरें ठंडी ठंडी लहरें, छू कर पैरों को जाती लहरें आती लहरें जाती लहरें लाती कुछ ले जातीं लहरें बलखातीं इठलातीं लहरें क्या कह जातीं

Poem। कविता। मिस यू ऑल माइ फ़्रेंड्स / अंजलि आहूजा, श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड
चाय में चीनी सी मीठी समोसे की चटनी सी तीखी कभी टेढ़ी सी कभी सीधी तुमसे ही यारों यारी सीखी वो बचपन की बेवक़ूफ़ियॉ पेंसिलों

