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BNMU बिहार के विकास में है कोसी की महती भूमिका : कुलपति

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बिहार दिवस पर हुआ सेमिनार

बिहार ने देश के इतिहास में महती भूमिका निभाई है और बिहार के विकास में कोसी की महती भूमिका है। कोसी क्षेत्र बिहार के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

यह बात कुलपति प्रोफेसर डॉ. राम किशोर प्रसाद रमण ने कही। वे बिहार दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को विश्वविद्यालय केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में उद्घाटनकर्ता सह अध्यक्ष के रूप में बोल रहे थे। सेमिनार का विषय सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक परिप्रेक्ष्य में बिहार के विकास में कोसी का योगदान था। उन्होंने कहा कि कोसी में प्रतिभाओं का खजाना है। यहाँ के लोगों में धारा के विपरीत चलने और नई राह बनाने का साहस है।

मुख्य अतिथि प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह ने कहा कि बिहार एवं कोसी की धरती ने दुनिया में नारी शक्ति के जागरण और सामाजिक न्याय का संदेश दिया है। इस धरती पर कई महान ॠषियों, साधकों, दार्शनिकों, विद्वानों एवं साहित्यकारों ने जन्म लिया है।

उन्होंने कहा कि कोसी की दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विरासत काफी समृद्ध एवं गौरवशाली है। इसे संरक्षित एवं संवर्धित करने की जरूरत है।

मुख्य वक्ता इतिहास विभाग, पश्चिमी परिसर, सहरसा के प्राध्यापक डाॅ. विद्यानंद मिश्र ने कहा कि 1912 मे बिहार बंगाल से अलग हुआ। 1935 में बिहार से उड़ीसा अलग हुआ और 2000 में झारखंड बना। हम छोट छोटे टुकड़ों में बनते हैं और हमारे एकीकरण का भी प्रयास हो रहा है।

उन्होंने कहा कि कोसी ने बिहार के विकास में महती भूमिका निभाई है। यहाँ के लोगों का न केवल सभी मनुष्यों के साथ, बल्कि पशु-पक्षियों एवं प्राकृति-पर्यावरण के साथ भी तादात्म संबंध था।

उन्होंने कहा कि कोसी आपदा नही है, यह अवदान है। कोसी दुखदायनी नहीं है, जीवनदायनी है।

डीएसडब्लू प्रो. (डॉ.) अशोक कुमार यादव ने कहा कि कोसी की गौरवशाली इतिहास एवं परंपरा है। इसका बिहार एवं पूरे देश ही नहीं, बल्कि विश्व के विकास में योगदान है।

कुलानुशासक डॉ. बी. एन. विवेका ने कहा कि बिहारी अपनी बुद्धिमत्ता एवं मेहनत से दुनिया में परचम लहरा रहे हैं।

कुलसचिव डॉ. कपिलदेव प्रसाद ने कहा कि हमें बिहार पर गर्व है। हमें गर्व है कि हम बिहारी हैं। हमारी सभी क्षेत्रों में आलग पहचान है। बिहार में कई युग परिवर्तनकारियों ने जन्म लिया है।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रोफेसर इंचार्ज प्रोफेसर डॉ. नरेश कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव सह अकादमिक निदेशक प्रोफेसर डॉ. एम. आई. रहमान ने दिया। इसके पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अतिथियों को अंगवस्त्रम् से सम्मानित किया गया। प्रांगण रंगमंच की शशिप्रभा जायसवाल ने बिहार गीत प्रस्तुत कर सबों का दिल जीत लिया।

इस अवसर पर जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर, डॉ. बी. एन. यादव, डाॅ. सिद्धेश्वर काश्यप, डाॅ. शंकर कुमार मिश्र, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ. राजीव रंजन, देवेन्द्र प्रसाद यादव, रंजन कुमार, माधव कुमार, सारंग तनय, अमरेश कुमार अमर, बिमल कुमार, डेविड यादव, रौशन कुंवर, लक्ष्मण कुमार, मो. अरमान अली, डॉ. एम. एस. रहमान उर्फ बाबुल, पृथ्वीराज यदुवंशी, सुशील कुमार, मो. सरफराज, पवन कुमार, राम सिंह यादव, चंदन कुमार, मुकेश कुमार, ललन कुमार, रजनीकांत, संतोष, शैलेन्द्र यादव, रामशरण, सुमेध आनंद, सुनील कुमार आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का पालन किया गया। सभागार को सेनेटाइज किया गया। सभी प्रतिभागियों ने मास्क एवं सेनेटाइजर का प्रयोग किया। कार्यक्रम का यू-ट्यूब पर लाइव प्रसारण भी किया गया।

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