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BNMU। सात दिवसीय विशेष शिविर 11 दिसंबर, 2020 को

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सात दिवसीय विशेष शिविर 11 दिसम्बर से, कुलपति करेंगे उद्घाटन

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई-I के स्वयंसेवक/स्वयंसेविकाओं का सात दिवसीय विशेष शिविर 11-17 दिसम्बर, 2020 तक सुनिश्चित है। इसमें महाविद्यालय में अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि यह कार्यक्रम पूर्णतः निःशुल्क है। सभी प्रतिभागियों को महाविद्यालय की ओर से बैग, डायरी एवं कलम आदि उपलब्ध कराया जाएगा और प्रत्येक दिन अल्पाहार आदि की व्यवस्था रहेगी। साथ ही सभी प्रतिभागियों को समापन समारोह के दिन अतिथियों के हाथों प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने के इच्छुक स्वयंसेवक प्रधानाचार्य कक्ष से फार्म प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही इसके लिए एक गूगल फार्म भी जारी किया गया है।

प्रधानाचार्य डॉ. के. पी. यादव ने बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर डॉ. आर. के. पी. रमण करेंगे। प्रति कुलपति प्रोफेसर डॉ. आभा सिंह मुख्य अतिथि, कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद विशिष्ट अतिथि और एनएसएस समन्वयक डॉ. अभय कुमार सम्मानित अतिथि होंगे। इनके अलावा विभिन्न सत्रों में मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) उषा सिन्हा, बीएनमुस्टा के महासचिव प्रो. (डॉ.) नरेश कुमार, अकादमिक निदेशक प्रो. (डॉ.) एम. आई. रहमान, सिंडिकेट सदस्य डॉ. जवाहर पासवान एवं साहित्यकार डाॅ. सिद्धेश्वर काश्यप युवाओं का मार्गदर्शन करेंगे।

उन्होंने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर के दौरान सर्वेक्षण किया जाएगा एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही प्रांगण रंगमंच, मधेपुरा के कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा सभी दिन अलग-अलग विषयों पर परिचर्चा का आयोजन होगा। इसके लिए क्रमशः कोरोना : कारण एवं निवारण, मानव और पर्यावरण, पोषण एवं स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और सामाजिक दायित्व, भारत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत, मानसिक स्वास्थ्य और युवा वर्ग तथा राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय निर्धारित किया गया है। इसमें देश के कई विद्वान ऑनलाइन जुड़कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें सुप्रसिद्ध गाँधीवादी विचारक, पूर्व सांसद एवं पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) रामजी सिंह, आईसीपीआर, नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) रमेशचंद्र सिंहा, महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के पूर्व कुलपति प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार, गांधी विचार विभाग, टीएमबीयू, भागलपुर के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) विजय कुमार, दर्शनशास्त्र विभाग, हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर-गढ़वाल की अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) इंदु पाण्डेय खंडूरी, अध्यक्ष, दर्शन परिषद्, बिहार के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) प्रभु नारायण मंडल, अध्यक्ष बी. एन. ओझा एवं महामंत्री डॉ. श्यामल किशोर, महामंत्री, कंपनी सेक्रेट्री, रांची (झारखंड) सीएस पूजा शुक्ला, योग विशेषज्ञ डॉ. कविता भट्ट शैलपुत्री आदि प्रमुख हैं।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।

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बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।