Search
Close this search box.

माता-पिता की पालन पोषण की शैलियों और बाल विकास पर उनका प्रभाव” विषयक व्याख्यान आयोजित

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

हरि प्रसाद शाह महाविद्यालय, निर्मली के मनोविज्ञान विभाग में 1 सितंबर 2026 को एक व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसका विषय “माता-पिता की पालन पोषण की शैलियों और बाल विकास पर उनका प्रभाव” था। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम राष्ट्रगीत से शुरू हुई एवं मुख्य अतिथि के रूप में डॉ मनोज कुमार, मनोविज्ञान विभाग ,डिग्री कॉलेज सुपौल, उपस्थित थे । मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व परीक्षा नियंत्रक एवं मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ शंकर कुमार मिश्रा, अध्यक्षता, प्रभारी प्रधानाचार्य ,डॉ कृष्णा कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री कुमार गंगेश गुंजन ने किया ।मंच संचालन एवं विषय प्रवेश डॉ शाहिद इकबाल के द्वारा किया गया ।
डॉ शाहिद इकबाल ने विषय प्रवेश करते हुए विशेष व्याख्यान की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए अतिथियों का स्वागत किया एवं इस विषय पर अपना विचार व्यक्त करने के लिए क्रमशः अतिथियों को आमंत्रित किया।
डॉ शंकर कुमार मिश्रा ने अपने व्याख्यान में बच्चों के पालन पोषण के बारे में विस्तार से बताया ।जिसमें उन्होंने प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक सिगमंड फ्रायड के विचारों को समाहित करते हुए ईड, एगो और सुपर ईगो के बारे में विस्तार से बताते हुए बच्चों के पालन पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका का वर्णन किया।
मुख्य वक्ता डॉ मनोज कुमार, डिग्री कॉलेज सुपौल ने बच्चों के पालन पोषण में माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिकाओं का वर्णन करते हुए कहा माता-पिता के संस्कार एवं परिवार के सदस्यों के व्यवहारों का बच्चों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
विभागाध्यक्ष श्री कुमार गंगेश गुंजन ने अपने व्याख्यान में अतिथियों को धन्यवाद देते हुए कहा की बच्चों के पालन पोषण में माता-पिता की भूमिका वर्तमान समय में बहुत महत्वपूर्ण है ,क्योंकि वर्तमान समय में समय के अभाव के कारण एवं डिजिटल का उपयोग करने से बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है ।इसलिए माता-पिता को ध्यान देना बहुत आवश्यक है।

मनोविज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ शाहिद इकबाल ने मनोविज्ञान के चार सिद्धांतों का जिक्र किया, जिसमें अधिकारवादी शैली,लोकतांत्रिक शैली, उदारवादी शैली एवं लापरवाही शैली,जिसका प्रभाव बच्चों के पालन पोषण एवं शैलियों पर पड़ता है ।उन सिद्धांतों का तुलना करते हुए बच्चों से आग्रह किया कि आप अपने घरों में बच्चों के इन सिद्धांतों में से जो उचित है उसका उपयोग करना चाहेंगे ।

प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ कृष्णा चौधरी ने मनोविज्ञान विभाग के द्वारा आयोजित विशेष व्याख्यान की प्रशंसा करते हुए कहा की मनोविज्ञान के इन सिद्धांतों का उपयोग करना बच्चों के पालन पोषण के लिए बहुत उपयोगी है ,और मनोवैज्ञानिकों के द्वारा कही गई बातों का अनुसरण करते हुए अपने व्यक्तित्व को विकसित करें।

इस अवसर पर डॉअतुलेश्वर झा, डॉ संतोष कुमार सिंह, डॉ आभा झा,डॉ अर्पणा कुमारी,डॉ सुदीप्तो घोष,डॉ बबलू अधिकारी ,डॉ अब्दुल मतीन,डॉ जय नारायण राम,डॉ श्याम चौधरी ,डॉ सचिंद्र नाथ मिश्रा,डॉ रणधीर कुमार ,डॉ चंदन कुमार,सहित कई कॉलेज के शिक्षक उपस्थित थे एवं मनोविज्ञान के छात्र-छात्राएं उपस्थित होकर इस विशेष व्याख्यान से लाभान्वित हुए। अंत में राष्ट्रगान के बाद विधिवत रूप से कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की गई क्या।

READ MORE