(फाइल फोटो : कुलपति रहते शिक्षक दिवस के अवसर पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंचे थे प्रो. रमण)
*शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर सम्मानित होंगे पूर्व कुलपति प्रो. आर. के. पी. रमण*
*प्रो. रमण के नाम हैं कई गौरवपूर्ण उपलब्धियां*
भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति शिक्षाविद एवं अर्थशास्त्री प्रो. (डॉ.) आर. के. पी. रमण को शिक्षक दिवस के पूर्व संध्या पर मंगलवार को आजाद पुस्तकालय, कतराहा (मधेपुरा) का प्रतिष्ठित आजाद स्मृति आदर्श शिक्षक सम्मान -2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह पुस्तकालय द्वारा एक साल तक जिला स्थापना दिवस विशेष कार्यक्रम की एक कड़ी है।
आजाद पुस्तकालय के अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार चौधरी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि शुक्रवार एवं शनिवार को पुस्तकालय की इस पुरस्कार हेतु आधे दर्जन नामों पर चर्चा की गई। उन नामों में से समिति ने सर्वसम्मति से प्रो. ( डॉ.) आर. के. पी. रमण का चयन किया। रविवार को चयन समिति की ओर से सचिव डॉ. हर्ष वर्धन सिंह राठौड़ ने इस निर्णय से प्रो. रमण को अवगत कराते हुए उनकी सहमति प्राप्त की।
*बतौर शिक्षक अपने छात्रों के बीच हमेशा सुलभ और सुगम रहना रही खास पहचान*
डॉ. राठौड़ ने बताया कि पूर्व कुलपति प्रो. आर. के. पी. रमण के नाम को चयनित करते हुए चयन समिति अपने आपको गौरवान्वित महसूस करती है। इस कड़ी में समिति द्वारा विशेष रूप से प्रो. रमण के बीएनएमयू के छात्र से लेकर कुलपति तक के सफर को रेखांकित किया गया है।
*कार्यकाल पूरा करने वाले पहले स्थानीय कुलपति होने का है गौरव*
उन्होंने बताया कि जिले के मुरलीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हरिपुरकला गांव के रहने वाले और प्रो. रमण यही के छात्र, शिक्षक, परीक्षा नियंत्रक, प्रधानाचार्य, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष , निदेशक, नियुक्ति कोषांग की जिम्मेदारी निभाते हुए माननीय कुलपति तक का सफर तय किया है।
उन्होंने बताया कि मृदुभाषी स्वभाव के प्रो. रमण लोकप्रिय शिक्षक रहे हैं। इसी की बानगी है कि वे एक विद्यार्थी के पहुंचने पर भी पूरी मुस्तैदी से कक्षा में व्याख्यान देते थे और विद्यार्थियों को प्रश्न पुछने के लिए प्रोत्साहित करते थे। इतना ही नहीं कुलपति के पद पर रहते हुए और सेवानिवृत्त के बाद भी छात्र-छात्राओं के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रो. रमण का छात्र से कुलपति तक का जीवन सफर किसी भी शिक्षक के लिए आदर्श हैं। वे बीएनएमयू में बतौर कुलपति अपना कार्यकाल पूरा करने वाले पहले स्थानीय व्यक्ति होने का गौरव भी रखते हैं।














