*रासबिहारी लाल मंडल की पुण्यतिथि पर रासबिहारी मैदान की दुर्दशा को दूर करने का संकल्प लेने की जरूरत*
प्रखर स्वतंत्रता सेनानी ,समाजसुधारक रासबिहारी लाल मंडल की पुण्यतिथि पर उनके नाम पर बने रासबिहारी मैदान की दुर्दशा पर संज्ञान लेने की जरूरत है।उपरोक्त बाते युवा साहित्यकार एवं इतिहासकार डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने प्रेस विज्ञप्ति करते हुए कही।स्वतंत्रता सेनानी समाजसुधारक रासबिहारी लाल मंडल की पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए डॉक्टर राठौर ने कहा कि उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके विचारों को संग्रहित करने के साथ साथ उनसे जुड़ी धरोहरों और पहचान को सहेजा जाए।
रासबिहारी उच्च विद्यालय के नाम के प्रभाव को कम करने की साजिश के पुरजोर विरोध की सराहना करते हुए राठौर ने कहा कि मधेपुरा का ऐतिहासिक मैदान जिसकी गोद में मधेपुरा जिला बनने का ही इतिहास नहीं रहा बल्कि अनगिनत बड़े राजनीतिक हस्तियों,प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्रियों के संघर्षों को देखने का गौरव रखता है आज उपेक्षा का शिकार है इसको जिले का आदर्श एवं उपयोगी मैदान बनाने पर प्रशासनिक, राजनीतिक, सामाजिक कभी मुहिम भी नहीं चली,सर्वाधिक दुखद यह भी रहा कि हर प्रकार से सक्षम,सबल रासबिहारी विद्यालय प्रशासन के स्तर पर भी कभी प्रयास नजर नहीं आए वहीं स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कभी इसको लेकर गंभीर नहीं हुए।डॉक्टर हर्ष वर्धन सिंह राठौर ने मांग और अपील किया किया कि जिले के गौरवशाली इतिहास का साक्षी रहे रासबिहारी मैदान को बचाने ,सजाने की पहल करने की जरूरत है यही उनके प्रति रासबिहारी बाबू की पुण्यतिथि पर सच्ची श्रद्धांजलि होगी।














