प्रो. कौशल के निधन पर शोक
सुप्रसिद्ध शिक्षाविद प्रो. कौशल किशोर मंडल (19.11.1943- 26.01.2026) का सोमवार को निधन हो गया। इससे पूरे बुद्धिजीवी वर्ग में शोक की लहर दौड़ गई है। ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि प्रो. मंडल अतलखा (सहरसा) के मूल निवासी थे और संपत्ति वार्ड नं.-18. विद्यापुरी मुहल्ला, मधेपुरा में रहते थे। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय, पटना से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर तथा बी. आर. अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की थी।

उन्होंने बताया कि प्रो. मंडल ने ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के राजनीति विज्ञान विभाग में 11 जनवरी 1965 से 07 जनवरी, 1981 तक सेवा दी थी। उनका इस महाविद्यालय से गहरा लगाव था और वे यहां के कार्यक्रमों में उदारतापूर्वक भाग लेते थे।
अर्थपाल डॉ. रत्नदीप ने बताया कि प्रो. मंडल 08 जनवरी, 1981 से 14 मार्च, 2001 तक बी. एन. एम. भी. कॉलेज, मधेपुरा तथा 15 मार्च, 2001 से 31 जनवरी, 2003 तक पार्वती विज्ञान महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य रहे। उन्होंने 31 जनवरी, 2003 से 30 नवंबर, 2003 तक मनोहर लाल टेकरीवाल कॉलेज, सहरसा में प्रधानाचार्य की भूमिका निभाई और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।
दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रो. मंडल ने बीएनएमयू , मधेपुरा में सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया था। वे 12 दिसम्बर 2004 से 11 दिसम्बर 2007 तक तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय, भागलपुर के प्रति कुलपति रहे और विश्वविद्यालय के विकास में अहम योगदान दिया।
उन्होंने बताया कि प्रो. मंडल का साहित्य एवं संस्कृति से गहरा लगाव था। वे कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन, मधेपुरा तथा भूपेन्द्र विचार मंच, मधेपुरा के अध्यक्ष भी थे। वे डॉ. राम मनोहर लोहिया सामाजिक एवं राजनीतिक संस्थान, मधेपुरा संस्थापक अध्यक्ष भी थे।
उन्होंने बताया कि प्रो. मंडल के सम्मान में ठाकुर प्रसाद यादव, मधेपुरा के स्मार्ट क्लास रूम में बुधवार को अपराह्न 02:45 बजे से श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है।














