‌BNMU चतुर्थ दीक्षांत समारोह में बने कई रिकॉर्ड

*दीक्षांत समारोह में बने कई रिकॉर्ड*

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के चतुर्थ दीक्षांत समारोह (तीन अगस्त) के संपन्न होने के साथ ही इतिहास के पन्नों में कई नए रिकार्ड दर्ज हो गया है।

*दीक्षांत समारोह में पहुंचने वाले तीसरे राज्यपाल बने फागू चौहान*
जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि वर्तमान राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान दीक्षांत समारोह में पहुंचने वाले तीसरे राज्यपाल बन गए हैं। इनके पूर्व राज्यपाल के रूप में प्रथम दीक्षांत समारोह-2016 में रामनाथ कोविंद और द्वितीय दीक्षांत समारोह-2018 में लालजी टंडन उपस्थित हुए थे।

*मात्र तीन कुलपति करा सके हैं दीक्षांत समारोह*
उन्होंने बताया कि 25 वें कुलपति डॉ. आर. के. पी. रमण तीसरे वैसे कुलपति बन गए हैं, जिनके कार्यकाल में दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। प्रथम दीक्षांत समारोह 22 वें कुलपति डॉ. विनोद कुमार और द्वितीय एवं तृतीय दीक्षांत समारोह 23 वें कुलपति डॉ. अवध किशोर राय के कार्यकाल में आयोजित किया गया था।

*डॉ. राय ने कराया दो दीक्षांत समारोह*
उन्होंने बताया कि फागू चौहान एकमात्र ऐसे राज्यपाल हैं, जिनके कार्यकाल में बीएनएमयू में दो दीक्षांत समारोह (2019 एवं 2022) आयोजित किया जा चुका है। डॉ. राय एकमात्र कुलपति हैं, जिन्हें महज एक वर्ष के अंतराल पर दो दीक्षांत समारोह आयोजित करने का श्रेय जाता है। अभी डॉ. रमण के पास डॉ. राय के इस रिकॉर्ड की बराबरी करने के लिए एक वर्ष का समय है। आश है कि डॉ. रमण ऐसा कर पाने में सफल होंगे और वे अपने शेष बचे कार्यकाल में कम-से-कम एक और दीक्षांत समारोह आयोजित कर पाने में सफल होंगे।

*पहले दीक्षांत समारोह में आए थे रामनाथ कोविंद*
उन्होंने बताया कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय की स्थापना 10 जनवरी 1992 को हुई। इसका पहला दीक्षांत कार्यक्रम तत्कालीन कुलपति डॉ. विनोद कुमार के नेतृत्व में 29 जून, 2016 को हुआ था। इसमें तत्कालीन राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद, जो बाद में देश के राष्ट्रपति भी बने और तत्कालीन शिक्षा मंत्री अशोक कुमार चौधरी शामिल हुए थे। यह समारोह विश्वविद्यालय प्रेक्षागृह में हुआ था।

*द्वितीय दीक्षांत समारोह में पहली बार दिया गया था स्वर्ण पदक*
उन्होंने बताया कि द्वितीय दीक्षांत समारोह तत्कालीन कुलपति डा. अवध किशोर
राय के कार्यकाल में 23 दिसंबर, 2018 को हुआ था। दीक्षांत स्थल पर पहली बार आयोजित हुए इस कार्यक्रम में तत्कालीन राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन और शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा शामिल हुए थे। इस दौरान पहली बार विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) दिया गया था।

*तृतीय दीक्षांत समारोह में हुआ था दीक्षांत भाषण*
उन्होंने बताया कि तृतीय दीक्षांत समारोह 17 दिसंबर, 2019 को हुआ था। इस अवसर पर अपरिहार्य कारणों से राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान की अनुपस्थित में कुलपति डॉ.
अवध किशोर राय ने उनका प्रिंटेड अध्यक्षीय भाषण प्रस्तुत किया था। समारोह में कोसी के प्रमंडलीय आयुक्त सेंथिल के. कुमार ने भाग लिया था। साथ ही नार्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग के पूर्व कुलपति डॉ. ए. एन. राय ने दीक्षांत भाषण दिया था। यह भी अपने आपमें एक रिकॉर्ड है।

*अभूतपूर्व रहा चतुर्थ दीक्षांत समारोह*
उन्होंने बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह कई मायनों में अभूतपूर्व रहा। इसमें पहली बार राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान के अलावा बिहार सरकार के दो-दो मंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए, जो आपने आपमें एक रिकॉर्ड है। इस आयोजन में विश्वविद्यालय के तीन पूर्व कुलपति एवं तीन पूर्व कुलसचिव का शामिल होना भी एक रिकॉर्ड है। साथ ही दो कुलपति, दो विधान पार्षद् एवं एक विधायक की उपस्थिति भी पहली बार हुई है।

*कोरोनाकाल के बाद सबसे बड़ा आयोजन*
उन्होंने बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह कोरोनाकाल के बाद यह बिहार के किसी भी विश्वविद्यालय का सबसे बड़ा आयोजन रहा। वैसे विश्वविद्यालय के कुलपति इस आयोजन के लिए वर्ष 2020 में अपने योगदान के समय से ही प्रयासरत थे। लेकिन वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के ख़तरों के कारण 2020 एवं 2021 में दीक्षांत समारोह आयोजित नहीं किया जा सका।

*महज पैंतालीस दिनों हुई आयोजन की सभी तैयारियां*
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को 18 जून, 2022 को चतुर्थ दीक्षांत समारोह की तिथि निर्धारण संबंधी पत्र प्राप्त हुआ था। इसके बाद कुलपति के नेतृत्व में पूरी टीम ने पैंतालीस दिनों तक अथक परिश्रम करके इस आयोजन को सफल बनाया। इतने कम समय में ऐसा वृहत आयोजन करना भी अपने आपमें अभूतपूर्व घटना है।

*प्रतिभागियों की दृष्टि से अब तक का सबसे बड़ा समारोह*
उन्होंने बताया कि चतुर्थ दीक्षांत समारोह प्रतिभागियों की दृष्टि से अब तक का सबसे बड़ा समारोह रहा। इसमें कुल 574 विद्यार्थियों ने भाग लिया है, जिनमें 289 छात्राएं एवं 285 छात्र हैं। 47 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, इनमें 26 छात्राएं एवं 21 छात्र हैं। कुल 97 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि मिलेगी, इनमें 44 छात्राएं और 53 छात्र हैं। इसके पूर्व तृतीय दीक्षांत समारोह में 21 विद्यार्थियों को स्वर्णपदक, 40 को पी. एच. डी और 234 को स्नातकोत्तर की उपाधि वितरित की गई थी। द्वितीय दीक्षांत समारोह में 39 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक और पीएचडी एवं स्नातकोत्तर को मिलाकर कुल 500 अभ्यर्थियों को उपाधि एवं प्रमाण पत्र वितरित किया गया था।

bnmusamvadhttps://bnmusamvad.com
B. N. Mandal University, Madhepura, Bihar, India

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

20,692FansLike
3,431FollowersFollow
0SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles