300 निजी बीएड कॉलेज अब बनेंगे बहुविषयक डिग्री कॉलेज
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सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन की खरीद-बिक्री से रोक हटी
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खबर का सार: बिहार में उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। निजी बीएड संस्थानों में नए डिग्री पाठ्यक्रम खुलेंगे, चार शहरों में कचरे से ऊर्जा बनेगी और युवाओं के कौशल व शिक्षा के लिए अगले पांच वर्षों की योजनाओं को मंजूरी मिली है।
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बिहार में उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने और निजी शिक्षण संस्थानों के उपयोग को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के 300 से अधिक एकल निजी बीएड संस्थानों को बहुविषयक डिग्री महाविद्यालय के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब इन संस्थानों में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य सहित अन्य स्नातक और कौशल आधारित पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकेंगे।
कैबिनेट की बैठक में कुल 11 एजेंडों पर निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सचिव मो. सोहेल ने सूचना भवन में प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी।
बीएड कॉलेजों में खुलेंगे नए विषय, छात्रों को जिले में ही मिलेगा विकल्प
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एकल निजी शिक्षण संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेज के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
इन संस्थानों में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य तथा अन्य विषयों के स्नातक पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। कौशल आधारित पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा सकेंगे।
हालांकि, नए शैक्षणिक कार्यक्रम संबंधित विश्वविद्यालय, यूजीसी, एनसीटीई और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों तथा आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप ही संचालित होंगे।
इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्हें उच्च शिक्षा के लिए दूर के जिलों में जाने की जरूरत कम होगी और अपने जिले या आसपास के क्षेत्रों में ही अधिक विषयों में पढ़ाई के विकल्प मिलेंगे। इससे उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने के साथ राज्य के सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
चार शहरों में कचरे से बनेगी ऊर्जा
कैबिनेट ने गयाजी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्रों में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इन परियोजनाओं के लिए संबंधित नगर निगम क्षेत्रों में 10-10 एकड़ जमीन 25 वर्ष की लीज पर गेल, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को उपलब्ध कराई जाएगी।
सीबीजी प्लांट जैविक कचरे को नवीकरणीय ऊर्जा में बदलेंगे। इससे एक ओर नगर निकायों के सामने मौजूद जैविक कचरा प्रबंधन की चुनौती कम होगी, वहीं दूसरी ओर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत विकसित होंगे।
कुशल युवा कार्यक्रम पांच साल और चलेगा
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‘सात निश्चय-3’ के ‘दोगुना रोजगार-दोगुना आय’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों के लिए विस्तार दिया गया है।
यह कार्यक्रम वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रहेगा। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 430 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि स्वीकृत की गई है।
इसके साथ राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की नामांकन प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। निजी आईटीआई की कुल स्वीकृत सीटों में से 50 प्रतिशत सीटों पर बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के माध्यम से नामांकन होगा।
इससे निजी आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साथ युवाओं के कौशल प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारतनेट के लिए राइट ऑफ वे का रास्ता साफ
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संचार मंत्रालय के माध्यम से स्थापित भारतनेट के विस्तार के लिए राज्य सरकार के स्तर से राइट ऑफ वे उपलब्ध कराने और इससे संबंधित त्रिपक्षीय समझौता-एकरारनामा पर हस्ताक्षर करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
इससे राज्य में डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
बिजली उपकेंद्रों के संचालन के लिए 221 पद
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पीएमसीएच समेत अन्य स्थानों पर बने बिजली उपकेंद्रों के संचालन के लिए 221 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है।
इनमें कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता (जीटीओ), कनीय विद्युत अभियंता समेत विभिन्न पद शामिल हैं। इससे नए बिजली उपकेंद्रों के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा।
पीएम सूर्य घर योजना में राज्य की अतिरिक्त मदद
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प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार भी वित्तीय मदद देगी।
राज्य सरकार 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट और अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता की अतिरिक्त सहायता डीबीटी के माध्यम से देगी। इसके लिए एक वर्ष में 1,000 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई है।
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के लिए 950 करोड़
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स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026-31 के सुदृढ़ीकरण और अगले पांच वर्षों के संचालन के लिए 950 करोड़ रुपये के व्यय का प्रावधान किया गया है।
इससे उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए वित्तीय सहायता की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा।
सैटेलाइट टाउनशिप की जमीन पर लगी रोक हटी
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कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने के संबंध में भी मंजूरी दी है।
विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद भूमि के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का अधिकार संबंधित बिहार नगर विकास प्राधिकरण को होगा।
साथ ही भूमि विकास और भवन निर्माण को संबंधित विकास योजना तथा विकास नियंत्रण विनियमों के तहत नियंत्रित किया जाएगा। इससे प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन से जुड़े लेन-देन और विकास गतिविधियों को निर्धारित नियामकीय ढांचे के भीतर आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
फैसलों का व्यापक असर
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कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा, कौशल विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शहरी विकास और छात्र वित्तीय सहायता को एक साथ जोड़ा गया है। खास तौर पर निजी बीएड संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कॉलेजों के रूप में विकसित करने का निर्णय उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे का विस्तार किए बिना मौजूदा संस्थानों की क्षमता का व्यापक उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं सीबीजी प्लांट, पीएम सूर्य घर योजना और सैटेलाइट टाउनशिप से जुड़े फैसले शहरी विकास, स्वच्छ ऊर्जा और नियोजित शहरीकरण को गति देने वाले हैं।
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-वरिष्ठ पत्रकार अग्रज स्वयं प्रकाश जी के फेसबुक वॉल से साभार।













