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व्याख्यान का आयोजन।

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*व्याख्यान का आयोजन*

ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन (बीसीए) विभाग में शुक्रवार को एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसका विषय संस्थानिक व्यवहार एवं व्यक्तित्व-विकास था।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता डॉ. प्रत्यक्षा राज ने कहा कि किसी भी संस्थान के विकास में उसके अधिकारियों एवं कर्मचारियों का संस्थानिक व्यवहार काफी बड़ी भूमिका निभाता है। प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का व्यवहार एवं उसका व्यक्तित्व संगठन के आंतरिक एवं बाह्य विकास को निर्धारित करता है।

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने समग्र व्यक्तित्व- विकास पर ध्यान दें। अपने अंदर मानवीय मूल्यों, नैतिक संस्कारों एवं सामाजिक सरोकारों का विकास करें।

मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रो. कैलाश प्रसाद यादव ने बताया कि बीसीए विभाग में नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रत्येक सप्ताह किसी एक विषय पर दो घंटे का एक विभागीय सेमिनार आयोजित करने की योजना है।

अतिथियों का स्वागत वरिष्ठ शिक्षक आशीष कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन के. के. भारती ने किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुधांशु शेखर ने किया।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अंग्रेजी विभाग उग्रतारा भारती मंडल महाविद्यालय, सहरसा के डॉ. आशीष कुमार, शिक्षक आशीष कुमार, बीसीए के कार्यालय सहायक रणवीर कुमार, बीबीए के कार्यालय सहायक रूपेश कुमार, अशोक मुखिया, छात्र- छात्रा जूही आनंद, रिया राज, रश्मि कुमारी, शिल्पी कुमारी, अंजली कुमारी, अमित कुमार, राहुल कुमार, चंदन कुमार, राहुल राज, शिवम कुमार, आयुष कुमार आदि उपस्थित थे।

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दिनांक 15 अगस्त को शिक्षा विभाग से संबंधित उच्चस्तरीय समिति के गठन की घोषित पहल के संदर्भ में समिति के व्यापक कार्यादेश एवं कार्यक्षेत्र में राज्य की संपूर्ण स्कूली एवं उच्च शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नीतिगत, संरचनात्मक एवं सेवा-संबंधी विषयों को समाहित किए जाने के संबंध में।

वित्त रहित शिक्षा नीति की समाप्ति के उपरांत परीक्षाफल आधारित वेतनानुदान से आच्छादित माध्यमिक, इंटरमीडिएट एवं डिग्री महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के बकाया वेतनानुदान के एकमुश्त भुगतान तथा सम्मानजनक नियमित वेतन-संरचना निर्धारित किए जाने के संबंध में अनुरोध ।

बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षक-निर्माण, शिक्षण-प्रशिक्षण की गुणवत्ता एवं एकरूपता तथा शैक्षणिक शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ करने हेतु पृथक् “राज्य शिक्षण-प्रशिक्षण विश्वविद्यालय” की स्थापना के संबंध में अनुरोध।