विषयः- सहायक प्राध्यापक बहाली की नई नियमावली में संशोधन एवं अभ्यर्थियों की न्यायोचित मांगों के संबंध में।
प्रसंगः- श्री कुमुद पटेल, संयोजक, All India Ph.D Holders & Research Scholars Association of Bihar से प्राप्त आवेदन ।
सादर अंकित करना है कि बिहार राज्य के हजारों सहायक प्राध्यापक अभ्यर्थी नई बहाली नियमावली में निहित अनेक विसंगतियों से अत्यंत चिंतित व असंतुष्ट हैं। उनके द्वारा अपने न्यायोचित मांगों तथा समस्याओं के समाधान हेतु पूर्व में अनेकों बार संबंधित उच्चाधिकारियों को ज्ञापन, शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक माध्यमों से ध्यान आकर्षित कराया गया तथा राज्यपाल महोदय को ज्ञापन भी सौंपा गया है, परंतु अब तक इस दिशा में कोई सार्थक एवं सकारात्मक पहल नहीं की गई है। वर्तमान में भी इससे संबंधित कई अभ्यर्थी गर्दनीबाग, पटना में आमरण अनशन पर विगत 10 दिनों से हैं।
सादर अनुरोध है कि उनकी प्रमुख मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहेंगे, जो कि निम्न हैं :-
1. सहायक प्राध्यापक बहाली में UGC Regulation 2018, Table 3A को लागू किया जाए।
2. सहायक प्राध्यापक हेतु अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष किया जाए।
3. बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक बहाली को स्थाई और नियमित किया जाए।
4. सहायक प्राध्यापक बहाली में डोमिसाइल नीति को लागू किया जाए।
5. बिहार के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अतिथि सहायक प्राध्यापकों की सेवा 65 वर्ष तक निर्धारित की जाय।
उपरोक्त बिंदुओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए बिहार के हजारों अभ्यर्थियों के हितों तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था एवं शोध परम्परा के दृष्टिगत उनकी मांगों पर यथाशीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की कृपा करेंगे।
जीवन कुमार, माननीय सदस्य,
बिहार विधान परिषद् गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र संख्या-2
माननीय अध्यक्ष, कार्यान्वयन समिति, बिहार विधान परिषद्














