*वर्तमान दिशाहीन होते दौर में भूपेंद्र बाबू का जीवन संघर्ष से लें मार्गदर्शन : पूर्व शिक्षामंत्री*
*जयंती समारोह में भूपेंद्र बाबू की राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन सफर पर हुई चर्चा* 
प्रखर समाजवादी चिंतक स्वतंत्रता सेनानी, विचारक भूपेंद्र नारायण मंडल की 123 वीं जयंती पर सिंहेश्वर प्रखंड के सुखासन पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में भूपेंद्र नारायण मंडल विचार मंच के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सर्वप्रथम अतिथियों ने विचार मंच के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो सच्चिदानंद यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में भूपेंद्र नारायण मंडल की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया उसके उपरांत दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।वहीं विचार मंच के सचिव परमेश्वरी यादव एवं स्वागताध्यक्ष सह स्थानीय मुखिया किशोर कुमार ने आगत अतिथियों को अंगवस्त्र एवं माला से सम्मानित किया।स्वागत भाषण देते हुए स्वागताध्यक्ष किशोर कुमार ने कहा कि सुखासन की धरती पर महामना भूपेंद्र नारायण मंडल की जयंती का आयोजन सुखद है उससे जहां इस क्षेत्र का मान बढ़ा है वहीं भुपेंद्र बाबू से जुड़े लोगों को जानने एवं उनके विचारों को समझने का अवसर सबको मिला है।विचार मंच के कोषाध्यक्ष डॉक्टर आलोक कुमार ने स्वरचित संक्षिप्त जीवनी का पाठ किया।

*विचार मंच द्वारा लगातार भूपेंद्र बाबू के विचार का प्रचार प्रसार उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि*
उद्घाटनकर्ता बिहार सरकार के पूर्व शिक्षामंत्री सह सदर विधायक प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि विगत एक दशक से अधिक समय से भूपेंद्र विचार मंच द्वारा उनके विचारों को लेकर लगातार अलग अलग क्षेत्रों में आयोजन उनके विचारों से आम जन को जोड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है।आज की पीढ़ी का अधिकांश हिस्सा लक्ष्यहीन हो चली है जरूरी बिंदुओं पर संघर्ष ,प्रयास के बजाय युवा वर्ग अपने जीवन लक्ष्य से परे जा रहा ।समाज का पिछड़ा वर्ग 21 वीं सदी में भी अपने अधिकार से अनजान है ऐसे में भूपेंद्र नारायण मंडल एवं उनके समाजवाद बतौर निर्देशक मार्गदर्शन देता प्रतीत हो रहा।मुख्य अतिथि पूर्व एमएलसी विजय कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि भूपेंद्र नारायण मंडल की जयंती मधेपुरा में भी राजकीय आयोजन के रूप में मने इसकी भी पहल हो।सदन में रहते हुए हमने यह मांग की थी निर्णय भी हुआ लेकिन जमीनी रूप नहीं ले सका। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक चंद्रहास चौपाल ने कहा कि भूपेंद्र बाबू का जीवन ही समाजवाद का दूसरा रूप था वो खुद में समाजवाद जीते थे उनके जैसे आदर्शों को जानना और अनुकरण आज के दौर में जरूरी।मुख्य वक्ता चर्चित समाजसेवी चंद्रशेखर ने कहा कि आज जाति,धर्म की राजनीति में समाज इतना उलझ गया है कि मूलभूत चीजें चर्चा से दूर हो रही भारत के साथ आजाद हुए मुल्क विकास की नई गाथा लिख रहे है और यहां हालात है कि हम व्यर्थ की चीजों से बाहर नहीं निकल पा रहे।देश और नागरिक पर बढ़ते कर्ज बिगड़ती व्यवस्था पर जब लोग विमुख हो रहे तब भूपेंद्र नारायण मंडल जैसे जननेताओं की जरूरत महसूस हो रही है।

*भूपेंद्र बाबू की जयंती के अवसर पर संत रविदास सहित स्थानीय हस्तियों को भी दी गई श्रद्धांजलि*
स्वागताध्यक्ष स्थानीय मुखिया सह मुखिया संघ सिंहेश्वर के प्रखंड अध्यक्ष किशोर कुमार के संयुक्त संचालन में चले कार्यक्रम में जहां नारियल विकास बोर्ड और सुखासन एंट्री प्वाइंट को शिक्षा दधीचि कीर्ति नारायण मंडल,स्वतंत्रता सेनानी कमलेश्वरी प्रसाद यादव,शहीद चूल्हाय यादव,प्रथम प्रमुख उपेन्द्र यादव के सम्मान में तोरण द्वार लगाए गए ।वहीं मुख्य मंच से संत रविदास सहित स्थानीय हस्ती स्वतंत्रता सेनानी कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, शिक्षा दधीचि कीर्ति नारायण मंडल,शहीद चूल्हाय,सिंहेश्वर के प्रथम प्रमुख रहे उपेन्द्र यादव को को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया।कार्यक्रम को राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव,लेफ्ट के गणेश मानव,महिला आयोग की पूर्व सदस्य गीता यादव,सिंहेश्वर नगर पंचायत प्रमुख,तेज नारायण यादव, ललन भगत , कमलेश्वरी यादव,महेंद्र नारायण पंकज, नारायण बाबू,विनीता भारती ,प्रो शेफाली आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।धन्यवाद ज्ञापन करते हुए मुखिया प्रतिनिधि प्रो शंकर ने कहा कि अगला आयोजन उनके पंचायत हसनपुर में आयोजित किया जाएगा।

अध्यक्षीय संबोधन करते कार्यकारी अध्यक्ष प्रो सच्चिदानंद यादव ने कहा कि इस आयोजन के द्वारा जहां भूपेंद्र बाबू के विचार को लोगों तक पहुंचाने का अवसर मिला वहीं स्थानीय हस्तियों की गौरवगाथा से जुड़ने का अवसर भी ।भूपेंद्र विचार मंच सबों के सहयोग से लगातार उनकी जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है।इस अवसर पर पंचायत की अभिलाषा को सूबे की कबड्डी टीम में प्रतिनिधित्व करने एवं गंगादास को नशा मुक्ति के लिए लगातार प्रयास हेतु मंच से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के अंत में भूपेंद्र विचार मंच के अध्यक्ष पूर्व प्रतिकुलपति प्रो के के मंडल के निधन पर एक मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर बड़ी संख्या पुरुष,महिलाएं संग युवाओं की भागीदारी रही।














