*राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर शपथ-ग्रहण एवं परिचर्चा का आयोजन*
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जनभागीदारी लोकतंत्र की सफलता का आधार : कुलसचिव
राष्ट्रीय सेवा योजना, बीएनएमयू, मधेपुरा के तत्वावधान में राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर रविवार को शपथग्रहण एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया।
*भारत दुनिया का सबसे पहला लोकतंत्र*
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलसचिव प्रो. अशोक कुमार ठाकुर ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा एवं पहला लोकतंत्र है। हमारे देश में लोकतंत्र की जड़ें काफी गहरी एवं मजबूत हैं। आधुनिक विश्व में लोकतंत्र के उदय के वर्षों पूर्व हमारे देश में लोकतांत्रिक (गणराज्य) व्यवस्था कायम थीं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में तीन तिथियां बहुत महत्वपूर्ण हैं। 26 नवंबर, 1949 को हमने अपने संविधान को अपनाया। उसके दो महीने बाद 26 जनवरी, 1950 को हमने अपने संविधान को पूरी तरह से लागू किया। इसी कड़ी में 25 जनवरी, 1950 को निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई थी। इस ऐतिहासिक दिन को अविस्मरणीय बनाने के उद्देश्य से हम राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे देश में मतदाताओं की संख्या 95 करोड़ से अधिक है। हमारे लोकतंत्र की शक्ति केवल संख्या की विशालता में नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक भावना की गहराई में भी है। जन-भागीदारी लोकतंत्र की भावना को जमीनी स्तर पर कार्यरूप देती है और इसे सफल बनाती है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि हम जागरुक मतदाता बनें और सभी मतदान में बढ़-चढ़कर भाग लें। हमें जाति, धर्म, लिंग, भाषा, प्रांत आदि संकीर्णताओं से ऊपर उठकर मतदान करना चाहिए। हमें भयमुक्त होकर कार्य करना चाहिए और किसी भी प्रकार के प्रलोभन में नहीं फंसना चाहिए। हमें प्रलोभन, अनभिज्ञता, भ्रामक सूचना, दुष्प्रचार एवं पूर्वाग्रह से मुक्त रहते हुए अपने विवेक के बल पर हमारी निर्वाचन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना चाहिए।
*मतदान का प्रतिशत बढ़ना शुभ संकेत*
इस अवसर पर मुख्य अतिथि निदेशक (आईक्यूएसी) प्रो. नरेश कुमार ने कहा कि बिहार ने दुनिया को लोकतंत्र का संदेश दिया है। हमारे यहां इंग्लैंड एवं अमेरिका में लोकतंत्र आने के वर्षों पहले गणतंत्र कायम था।
उन्होंने बताया कि विगत कुछ वर्षों से सरकार द्वारा मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके कारण विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान का प्रतिशत काफी बढ़ा है। यह हमारे लिए काफी शुभ संकेत है।
विशिष्ट अतिथि परिसंपदा पदाधिकारी शंभू नारायण यादव ने कहा कि इस दिन प्रत्येक नागरिक को अपने राष्ट्र के प्रत्येक चुनाव में भागीदारी की शपथ लेना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का वोट ही देश के भावी भविष्य का आधार है।
*लोकतंत्र की सफलता में युवाओं की महती भूमिका*
विषय प्रवेश करते हुए परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंकर कुमार मिश्र ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता में युवाओं की महती भूमिका है। इसलिए युवाओं को बढ़-चढ़कर मतदान प्रक्रिया में भाग लेना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए समन्वयक डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि रविवार को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया। इस वर्ष का थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ है।
उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विशेषकर प्रथम बार मतदान करने वाले मतदाताओं, को मतदान के महत्व, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा जिम्मेदार नागरिकता के प्रति जागरूक करना है। यह आयोजन युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने, नागरिक कर्तव्यों के प्रति सजग करने कि सशक्त एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध होगा।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों सबों ने लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ ली कि वे अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाए रखेंगे तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए, भयमुक्त होकर, धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचनों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें।














