भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर के तिरंगा पार्क में 80वीं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज के नीचे एकत्रित होकर देश के अमर बलिदानियों और राष्ट्रनायकों—महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष, भगत सिंह, बाबासाहेब आंबेडकर और सरदार पटेलभूपेन्द्र नारायण मंडल,शहीद चुल्हाय यादव —को कोटि-कोटि नमन करते हुए ध्वजारोहण किया।
इस अवसर पर कहा कि स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि भय, अज्ञान, गरीबी और भेदभाव से मुक्ति का नाम है।

1950-51: मात्र 27 विश्वविद्यालय, 578 कॉलेज और 2.4 लाख विद्यार्थी।वर्तमान भारत: 1,289+ विश्वविद्यालय, 48,000+ कॉलेज और 4.5 करोड़ से अधिक विद्यार्थी।
यह अभूतपूर्व विस्तार देश में ज्ञान, शिक्षा और अवसरों के लोकतंत्रीकरण और विकास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
बीएनएमयू (BNMU) के 34 गौरवशाली वर्ष
10 जनवरी 1992 से शुरू हुआ भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय का सफर केवल भवनों का विस्तार नहीं, बल्कि कोसी और सीमांचल में सामाजिक चेतना, शोध और शैक्षणिक अवसरों के विस्तार की जीवंत कहानी है।
शुरुआती चुनौतियों से उबरकर आज यह संस्थान आधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध पुस्तकालयों, स्नातकोत्तर विभागों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय शोध के साथ समाज के भविष्य का निर्माण कर रहा है।
34 वर्षों की उपलब्धियाँ हमारी विरासत हैं।
अगले 34 वर्षों की वैश्विक उत्कृष्टता हमारा लक्ष्य है।

अधिकार के साथ कर्तव्य का संतुलन, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नैतिकता और राष्ट्रभक्ति का संचार ही लक्ष्य होना चाहिए।
प्रिय शोधार्थी एवं विद्यार्थी: विज्ञान और तर्क को अपनाएँ, संविधान के मूल्यों को समझें। एक उत्कृष्ट शोध, नया आविष्कार, जरूरतमंद की मदद या एक पौधा लगाना भी सच्ची राष्ट्र सेवा है।
संस्थान: NEP 2020 के तहत कौशल, नवाचार और बहुविषयक शिक्षा का सृजन—जहाँ विचार हों पर वैमनस्य न हो, और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो।
“तिरंगा हमसे शब्दों में नहीं, कर्मों में सच्ची देशभक्ति मांगता है।”
शिक्षक संगठन बीएनमुस्टा के महासचिव प्रो. नरेश कुमार के फेसबुक वॉल से साभार।















