*डॉ. अरूण मिश्र के निधन पर शोक*
बिहार के मिथिलांचल में जन्मे एवं पले-बढ़े तथा यहाँ की न्यायपरंपरा में शिक्षित एवं दीक्षित सुप्रसिद्ध दार्शनिक प्रो. अरूण मिश्र का बुधवार को निधन हो गया। उनके निधन पर बीएनएमयू में दर्शनशास्त्र के शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने शोक व्यक्त किया है।
बीएनएमयू , मधेपुरा के पूर्व कुलपति एवं दर्शनशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. ज्ञानंजय द्विवेदी ने बताया कि प्रो. अरूण मिश्र का नाम समकालीन भारतीय दार्शनिकों में समादृत है। इनकी न्यायशास्त्र एवं संस्कृत भाषा में विशेष रुचि है, जिसकी फलश्रुति मूल ग्रंथों पर आधारित आपकी चार पुस्तकें और शताधिक शोध-पत्र हैं।
ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा में दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधांशु शेखर ने बताया कि प्रो. मिश्र भारतीय दार्शनिक अनुसंधन परिषद्, नई दिल्ली में निदेशक के पद पर रहे थे। उस दौरान ही उन्हें फेलोशिप प्राप्त हुई थी और उनसे उनका परिचय हुआ था।
उन्होंने बताया कि प्रो. मिश्र ‘दर्शन परिषद्, बिहार’ की शोध-पत्रिका ‘दार्शनिक अनुगूंज’ की परामर्श समिति के सदस्य थे। इनको दर्शन के क्षेत्र में महनीय योगदान के लिए प्रो. सोहनराज लक्ष्मीदेवी तातेड़, जोधपुर (राजस्थान) लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड-2023 से भी सम्मानित किया गया है।














