Search
Close this search box.

गंभीर आरोपित तथा अनियमितताओं के दोषी पाए गए पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई अपेक्षित

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

राज्य के शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत अनेक ऐसे पदाधिकारी, जिन पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग एवं अन्य गंभीर आरोप लगभग प्रमाणित हैं तथा जिनके विरुद्ध विभागीय जांच / प्राथमिकी लंबित है, उनसे न केवल वित्तीय प्रकृति के महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं बल्कि उन्हें पुरस्कारस्वरूप और अधिक महत्वपूर्ण / संवेदनशील पदों पर सचिवालय एवं निदेशालय के साथ-साथ जिला मुख्यालय में पदस्थापित भी किया जा रहा है। महालेखाकार, बिहार द्वारा प्रस्तुत लेखा परीक्षा प्रतिवेदनों में जिन विश्वविद्यालयों में वित्तीय अनियमिताएं एवं लोकधन के दुरुपयोग का उल्लेख किया गया है, उन विश्वविद्यालयों के दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत आपराधिक प्राथमिकी दर्ज कर तथा बिहार लोक मांग वसूली अधिनियम के तहत लोकधन की वसूली की कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा अब तक प्रारंभ नहीं की गई है। विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा विभाग में CAG द्वारा गंभीर आरोपित तथा अनियमितताओं के दोषी पाए गए पदाधिकारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई अपेक्षित है। ऐसे सभी पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से वित्तीय कार्यों से पृथक किया जाना चाहिए तथा गंभीर आरोप सिद्ध होने तक उन्हें किसी भी महत्वपूर्ण अथवा संवेदनशील पद पर पदस्थापित नहीं किया जाना चाहिए।

अतः उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में यदि वर्तमान सेवा नियमावली में ऐसा प्रावधान उपलब्ध नहीं है तो इस संबंध में आवश्यक कानूनी एवं नीतिगत प्रावधान शीघ्र लागू किये जाने हेतु सरकार से सदन में एक स्पष्ट वक्तव्य की मांग करता हूँ।

-डॉ. संजीव कुमार सिंह,
माननीय विधान पार्षद, कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र

READ MORE

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।

[the_ad id="32069"]

READ MORE

विषय : बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों के अंगीभूत (संघटक) स्नातक महाविद्यालयों के प्रस्तावित पुनर्गठन तथा उसके विश्वविद्यालयीय स्वायत्तता, शैक्षणिक मानकों एवं शिक्षकों की सेवा-शर्तों पर पड़ने वाले प्रभाव के संबंध में प्रतिवेदन।