
Covid-19। कोरोना से बचाव के उपाय और हमारी भूमिका
कोरोना से सबक लेने की जरूरत सादगी और संयम को अपनाने की जरूरत सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन भी निभाए अपनी जिम्मेदारी प्रांगण रंगमंच ने आयोजित

कोरोना से सबक लेने की जरूरत सादगी और संयम को अपनाने की जरूरत सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन भी निभाए अपनी जिम्मेदारी प्रांगण रंगमंच ने आयोजित

मनुष्य चला जाता है, लेकिन उसकी कीर्ति यहां रह जाती है। जो कुछ कीर्ति करके जाते हैं, वे हमेशा जीवित रहते हैं। लालजी टंडन की

भारतीय सभ्यता-संस्कृति में सर्व खलु इदं ब्रह्म, ईशावास्यमिदं सर्वं, और सियाराम मय सब जग जानी कल्पना की गई है। हम यह मानते हैं कि संपूर्ण

रसायनशास्त्र विभाग, मनोहरलाल टेकरीवाल कॉलेज, सहरसा में अतिथि सहायक प्राध्यापक डॉ• आनन्द मोहन झा का चयन प्रतिष्ठित ”एम•टी•सी• ग्लोबल इंस्पायरिंग टीचर अवार्ड, रसायनशास्त्र के लिए

बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, बिहार के फेसबुक पेज Facebook.com/bnmusamvad पर 26 जुलाई, 2020 रविवार को पूर्वाह्न ग्यारह बजे उत्पीड़ितों का भाषा-मनोविज्ञान (Psycho- Semiotics of the

मानव एक स्वप्नदर्शी प्राणी है | इतिहास को खोजना और अपने भविष्य की और झांकाना इसे प्रिय है। यह बात डा. गोविन्दशरण उपाध्याय ने कही।

समस्त विश्व में गौतम बुद्ध के बाद जिस भारतीय को सबसे अधिक सम्मान मिला है, वे हैं महात्मा गांधी। महान वैज्ञानिक आइन्सटीन ने जब यह

सुधांशु शेखर बने उप कुलसचिव (अकादमिक) जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर को उप कुलसचिव (अकादमिक) की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वे अकादमिक निदेशक डाॅ.

विश्वविद्यालय में ऑनलाइन एजुकेशन को गति देने के लिए गठित उच्चस्तरीय एक्सपर्ट कमिटी की बैठक गुरूवार को सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष डाॅ. आर. के. पी. रमण

स्त्री-विमर्श स्त्रियों के विचारों की अभिव्यक्ति या उसकी आत्मकथा मात्र नहीं है। इसका लक्ष्य स्त्री को आत्मसंतोष या आनंद देना मात्र नहीं है। स्त्री-विमर्श का
WhatsApp us