
कविता/ वृक्षारोपण/ शिखा कुमारी
अनंत काल तक जिंदा रहते हैं वे लोग जो वृक्षारोपण करते हैं। वे जिंदा रहते हैं पेड़ों की निर्मल छाया में। भू-जल भंडार बन, अमृत

अनंत काल तक जिंदा रहते हैं वे लोग जो वृक्षारोपण करते हैं। वे जिंदा रहते हैं पेड़ों की निर्मल छाया में। भू-जल भंडार बन, अमृत
दर्शन परिषद्, बिहार के तत्वावधान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) में दिनांक : 24 अगस्त, 2020 (सोमवार) गूगल मीट लिंक : https://meet.google.com/puz-sbno-xap (केवल अतिथियों

निम्न लिंक पर क्लिक कर 21 अगस्त, 2020 को आयोजित सेमिनार का सर्टिफिकेट प्राप्त करें।https://forms.gle/wVYHqR6HsP4iRsz96 BNMU : 8 सर्टिफिकेट हेतु फीडबैक लिंक /21अगस्त, 2020 -16

दर्शन परिषद्, बिहार के तत्वावधान में ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा (बिहार) में 24 अगस्त, 2020 (सोमवार) को सुबह 10.30 बजे से एक राष्ट्रीय सेमिनार/ वेबिनार

मेरा स्वप्न मुझसे कहता है, मैं केवल स्वप्न नहीं, नई रीत हूँ, तुम्हारे धड़कन का गीत हूँ, अंदर स्वतंत्रता की ज्वाला हूँ, तुम्हारे हिस्से का
मानव इतिहास में हमेशा असहमति रही है और यह स्वभाविक है। बगैर असहमति के विकास संभव नहीं है। यह बात राजनीति विज्ञान विभाग, वीर कुंवर

तुम्हें जाने की हठ है; मैं निःशब्द, मेरी श्वासों में तेरी वही सुगंध शेष है। तुमने पलों में भ्रम तोड़ डाले सब, मेरा अब भी

मीडिया की नजर में सेमिनार/वेबिनार (कोरोना का शिक्षा एवं समाज पर प्रभाव) मीडिया के सभी मित्रों के प्रति आभार। हिंदुस्तान, 22 अगस्त, 2020 प्रभात खबर,

माँ लगता है पास हो मेरे बेगाने परदेश में जब भी हिंदी सुनता हूँ अहिन्दी परिवेश में आज अगर हर प्रान्त में हिंदी होती स्वीकार
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