
Poem। कविता /खुद को बदलते हुए देखा है…/सुनील कुमार
कविता /खुद को बदलते हुए देखा है…/सुनील कुमार आज मैंने खुद को बदलते हुए देखा है। रिस्तों की बुनियाद पर स्वार्थ को हावी होते देखा

कविता /खुद को बदलते हुए देखा है…/सुनील कुमार आज मैंने खुद को बदलते हुए देखा है। रिस्तों की बुनियाद पर स्वार्थ को हावी होते देखा

BNMU : कुलपति ने की कुलाधिपति से शिष्टाचार भेंट
वर्षों पहले मैंने दैनिक जागरण के साप्ताहिक आयोजन जागरण सिटी में एक आलेख लिखा था- “तारकेश्वर प्रसाद : जिनसे मिलकर आश्चर्यचकित हुए थे प्रेमचंद”। आज

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय को मिला स्थायी कुलसचिव। ———————— राजभवन सचिवालय द्वारा निर्गत अधिसूचना ज्ञापांक 27/2017(पार्ट-1) 2173/GS(1) दिनांक 24-09-2020 के आलोक में सी एम कालेज

आज दिनांक 25/09/2020 को ए. एस.महाविद्यालय, देवघर के व्यख्यानमाला कक्ष में दिन के 11:00 बजे कोविड-19 एवं पर्यावरणीय मुद्दे विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का
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